परीक्षा और परीक्षण से परे है श्रीकृष्ण कथा : पं. शर्मा

WhatsApp Image 2025-09-19 at 11.24.35 PM

अनोखा तीर, रहटगांव। नगर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस पर पं. सुनील शर्मा द्वारा भक्तों को कथा श्रवण कराई गई। कथा में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया गया। पं. शर्मा ने कहा कि परमात्मा की प्राप्ति सच्चे प्रेम से ही संभव है। इस अवसर पर पूतना चरित्र का भी वर्णन किया गया।  कथा में बताया गया कि पृथ्वी ने गाय का रूप धारण कर श्रीकृष्ण को पुकारा, तब श्रीकृष्ण पृथ्वी पर अवतरित हुए। वे मिट्टी में नहाते, खेलते और खाते हैं ताकि पृथ्वी का उद्धार कर सकें। गोपबालकों द्वारा यशोदा माता से शिकायत किए जाने पर माता ने श्रीकृष्ण से मुख खोलने को कहा। मुख खोलते ही यशोदामाता ने चर-अचर सहित सम्पूर्ण ब्रह्मांड के दर्शन किए, जिससे वे विस्मित हो गईं। कथा में आगे बताया गया कि यशोदामाता यदि उस ज्ञान में स्थित रहतीं तो बाल लीला संभव नहीं होती। इसलिए वह घटना माता भूल गईं और श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं निरंतर चलती रहीं। कथा अवसर पर नगर के भागवत प्रवक्ता पं. नीरज महाराज भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि कलियुग में तप कठिन है, जबकि जप सरल है। गोपियों और ब्रजवासियों ने कठिन तप से नहीं, बल्कि ‘श्रीकृष्ण शरणम ममÓ के जप से भगवान को प्राप्त किया।

Views Today: 2

Total Views: 96

Leave a Reply

लेटेस्ट न्यूज़

MP Info लेटेस्ट न्यूज़

error: Content is protected !!