अनोखा तीर, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह ने मशहूर शायर पद्मश्री डॉ बशीर बद्र के निधन उपरांत उनके ईदगाह कॉलोनी स्थित निवास पहुँचकर परिवारजनों से भेंटकर शोक संवेदनाएं व्यक्त की। इस अवसर पर मंत्री श्री लोधी ने बशीर बद्र की पत्नी डॉ.राहत बद्र तथा पुत्र तैयब बद्र से आत्मीय चर्चा की। चर्चा के दौरान मंत्री श्री लोधी ने बशीर बद्र की कई प्रसिद्ध ग़ज़लों और अशआर का उल्लेख करते हुए उन्हें सुनाया और कहा कि बशीर बद्र का कलाम केवल साहित्य नहीं, बल्कि इंसानी जज़्बात, मोहब्बत, करुणा और संवेदनशीलता की ऐसी विरासत है, जिसने पीढ़ियों को प्रभावित किया है। मंत्री श्री लोधी ने कहा कि वे वर्षों से बशीर बद्र को पढ़ते रहे हैं और अनेक अवसरों पर उनके शेर उद्धृत करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बशीर बद्र की शायरी में मानवीय रिश्तों की गर्माहट, सामाजिक सरोकार, जीवन का दर्शन और इंसानी दर्द की गहरी अभिव्यक्ति मिलती है, उनकी रचनाएँ आम आदमी के दिल से सीधा संवाद करती हैं और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। बशीर बद्र ने उर्दू शायरी को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं और उनकी रचनाएँ लोगों के दिलों में सदैव जीवंत रहेंगी। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से चर्चा कर शासन द्वारा पद्मश्री डॉ बशीर बद्र के नाम पर एक साहित्यिक पुरस्कार स्थापित किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी साहित्यिक विरासत से प्रेरणा प्राप्त करती रहें।
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