सिंचाई व्यवस्था बिगड़ी

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 जल प्रबंधन में लापरवाही- सूख रही फसलें
– सैकड़ों एकड़ जमीन में लगी फसलें पानी को तरस रहीं
 नहर संचालन में अव्यवस्था जैसे समय पर सफाई का टोटा, नहर में गाद तथा पानी छोड़ने का समय और उसकी मात्रा से बेखबर किसानों गेहूॅ की पहली सिंचाईं में खासी असुविधाओं से जूझना पड़ रहा है। जिसका सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ने की बात कही जा रही है। बावजूद, नहर विभाग की कोई सक्रियता दिखाई नही पड़ रही है। फलस्वरूप क्षेत्र के किसानों में व्यवस्था के प्रति नाराजगी पनप रही है।
माइनर की बदहाल तस्वीर
अनोखा तीर, हरदा। मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम केलनपुर-बीड़ में गेहूॅ की फसलें पानी के अभाव में सूखने की कगार पर है। यहां के किसान नहर विभाग की जल वितरण व्यवस्था से खासे नाराज हैं। साथ ही इस वर्ष पहतगांव माइनर की साफ-सफाई में घोर लापरवाही की बात सामने आई है। किसानों के मुताबिक माइनर पर विभाग द्वारा पाइप डाला गया है, जो कृषि रकबे के अनुसार छोटा है। बावजूद किसानों में संतोष था कि कोई खास फर्क नही पड़ेगा। लेकिन, छोटा पाइप ऊपर से उसमें जमा गाद के कारण जल का प्रवाह बाधित हो रहा है। माइनर से किसानों के खेत तक पर्याप्त पानी नही पहुंच रहा है। जिसके चलते कई किसानों के खेतों में फसलें पानी को तरस रही हैं। किसानों ने बताया कि यही हाल रहा तो गेहूॅ के उत्पादन पर बुरा असर होगा। वैसे ही खरीफ सीजन में सोयाबीन की फसल खराब हो चुकी है। इसके बाद गेहूॅ की फसल अव्यवस्था की भेंट ना चढ़ जाए, इसकीचिंता उन्हें सताने लगी है। क्योंकि, कई किसानों का गेहूॅ 20 से 25 दिन का हो चुका है। जबकि गेहूॅ में पहला पानी 21 दिन में छोड़ा जाता है। परंतु , माइनर में उग रही झाड़िया और जगह-जगह गाद की वजह से पानी का बहाव बाधित हो रहा है। इतना ही नही, माइनर के गेट पर लगी प्लेट भी काफी नीचे है। किसान कपिल शर्मा ने बताया कि साफ-सफाई एवं खुदाई के अभाव में यह हालात निर्मित हुए हैं। यही स्थिति रही तो गेहूॅ के बेहतर उत्पादन की उम्मीद बेमानी है। क्षेत्र के किसान राजेन्द्र शर्मा, मोहन शर्मा, राम शर्मा, सोहनलाल और ओम शर्मा ने व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन का संकेत दिया है।
जिम्मेदार नही ले रहे सुध
ग्रामीणों के मुताबिक इस समस्या से संबंधित अधिकारी को मोबाइल पर सूचित किया गया, जो कि बेअसर साबित हुई। दरअसल, अधिकारी समेत नहर विभाग के मैदानी अमले ने शिकायत मिलने के बावजूद समाधान की दिशा में कदम नही बढ़ाया है। परिणामस्वरूप स्थिति दिन ब दिन बिगड़ रही है।
सीआरआई स्टेज क्रास
कपिल शर्मा समेत अन्य युवा किसानों ने कहा कि वैज्ञानिकों के मुताबिक गेहूॅ की फसल में पहली सिंचाईं 21 दिनों में आवश्यक है। यह गेहूॅ की सीआरआई स्टेज कहलाती है। उन्होंनें कहा कि अव्यवस्थाओं के चलते गेहूॅ की फसल सिंचाईं के बगैर सीआरआई स्टेज क्रास कर रही है।

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