अनोखा तीर, सिराली। क्षेत्र में एक प्रशंसनीय उदाहरण सामने आया है, जहाँ एक कृषक ने गलती से आए मुआवजा रुपए वापस लौटाकर अपनी ईमानदारी का परिचय दिया। हाल ही में आई आपदा के चलते सोयाबीन की फसल व्यापक रूप से नष्ट हो गई थी, जिसके बाद शासन द्वारा प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि वितरित की जा रही है। इसी प्रक्रिया के दौरान एक तकनीकी त्रुटि के कारण मुआवजा राशि गलत खाते में ट्रांसफर हो गई। जानकारी के अनुसार ग्राम जात्राखेड़ी के कृषक अशोक पिता हरनारायण गुर्जर के खाते में 40 हजार जमा होना था, लेकिन गलती से यह राशि सिराली के कृषक दुर्गेश पिता रमेशचंद्र अग्रवाल के खाते में ट्रांसफर हो गई। जब दुर्गेश अग्रवाल को यह पता चला कि यह राशि उनके लिए स्वीकृत नहीं थी, तो उन्होंने बिना किसी विलंब के इस राशि को सही कृषक तक पहुंचाने का निर्णय लिया। दुर्गेश अग्रवाल स्वयं तहसील कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को पूरी स्थिति से अवगत कराया। बाद में दोनों पक्षों की सहमति से दुर्गेश ने चेक बनाकर संपूर्ण 40 हजार की राशि अशोक कुमार के खाते में हस्तांतरित कर दी। इस कदम की तहसील कर्मचारियों सहित स्थानीय ग्रामीणों ने सराहना की। सभी ने माना कि दुर्गेश अग्रवाल ने न सिर्फ एक किसान का हक लौटाया, बल्कि ईमानदारी और नैतिकता की मिसाल भी पेश की है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान समय में जब ऐसे गलत ट्रांसफर के मामलों में कई लोग राशि वापस करने से कतराते हैं, तब दुर्गेश द्वारा किया गया यह कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी है। इस घटना ने यह संदेश दिया है कि ईमानदारी आज भी जीवित है और किसान समाज में नैतिक मूल्यों की गहरी जड़ें हैं। इस तरह की घटनाएं समाज में सकारात्मकता फैलाती हैं और शासन-प्रशासन के प्रति जनता का भरोसा भी मजबूत करती हैं।
कृषक ने लौटाए रुपए, दिया ईमानदारी का परिचय

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