जमकर की नारेबाजी, भाव बंद कराने पहुंचे
– मंडी में बीच सड़क पलटाई मक्का से भरी ट्रॉली
– न्यायपूर्ण मूल्य एवं पारदर्शिता बहाल करने की मांग
अनोखा तीर , हरदा। जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी में मंगलवार को किसानों ने मक्का के कम दाम मिलने के कारण हंगामा कर दिया। इस दौरान गुस्साएं किसानों ने मंडी की मुख्य सड़क पर मक्का से भरी ट्रॉली पलटा दी। वहीं धरने पर बैठकर मंडी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की। मामला दोपहर डेढ़ बले के आसपास का है। इसके बाद दोपहर 2 बजे भाव प्रारंभ होने पर नाराज किसान खरीदी शेड में पहुंचे। जहां व्यापारियों से भाव बंद करने की बात कही। उनकी इस नाराजगी के कारण गेहूॅ और सोयाबीन की खरीदी पर भी बुरा असर देखने को मिला। जिसके चलते लंबे समय तक खरीदी प्रक्रिया बाधित रही। उधर, हो-हंगामे के बीच मंडी प्रबंधन प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। बता दें कि किसान मक्का के दाम कम मिलने के कारण सड़क पर उतर गए। वहीं बीच सड़क पर मक्का से भरी ट्राली को खाली कर दिया। इस दौरान समर्थन मूल्य पर मक्का की खरीदी की पैरवी की। किसानों आरोप है कि मंडी में मक्का का भाव करीब 1000 से प्रारंभ होकर 15-1600 पर थम रहे हैं। इस बीच अच्छी उपज का भी भाव कम मिल रहा है, जो हमारे लिए दुखदायी है। क्योंकि इतनी राशि में लागत निकाल पाना मुश्किल हो रहा है।
व्यापारियों के खिलाफ खोला मोर्चा
जानकारी के अनुसार मंगवार को अजनास रैयत के कृषक सुनील विश्वकर्मा की मक्का का भाव 1253 रुपये प्रति क्विंटल लगाया गया। जिसके चलते किसान बिभर गया। उनका कहना था कि कुछ दिन पहले यही उपज इससे अधिक दाम में बिकी थी। लेकिन आज उसका दाम ओर नीचे खिसक गया, जो कहीं ना कहीं किसानों के साथ अन्याय से कम नही है। इन सब बातों से नाराज किसानों ने व्यापारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
पारदर्शिता बहाल करने की मांग
इस मौके पर धरने पर बैठे अन्य किसानों ने भी अपनी नाराजगी व्यक्त की। वहीं खरीदी प्रक्रिया को व्यापारियों की मनमानी करार दिया। इसको लेकर जमकर नारेबाजी की गई। हंगामे के बीच मंडी में किसानों की भीड़ जुटने लगी और माहौल तनावपूर्ण होने लगा। परिणामस्वरूप व्यापारियों में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। इस मौके पर किसानों ने प्रशासन से न्यायपूर्ण समर्थन मूल्य तय करने के साथ-साथ मंडी में पारदर्शिता बहाल करने की मांग की है।
तो पुन: प्रदर्शन की दे डाली चेतावनी
हो-हंगामे के बीच मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को समझाने की कोशिश की। उनके प्रयासों से फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। लेकिन, किसानों ने कह डाला कि मंडी में यही हाल रहा तो पुन: प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। दरअसल, इस साल मक्का के दाम कम मिलने के कारण किसान प्रदर्शन करने को विवश हैं। उन्होंनें कहा कि ऐसी स्थिति में कृषि और कृषक दोनों का बुरा हाल है।

