कमल के प्रयासों से ११८ गांवों की १ लाख एकड़ भूमि होगी सिंचित
शहीद इलाप सिंह उद्वहन सिंचाई परियोजना से लाभान्वित किसान करेंगे केन्द्रीय मंत्री और पूर्व कृषि मंत्री का नागरिक अभिनंदन
अनोखा तीर, हरदा। टेल क्षेत्र के वह किसान जिसने कभी नहीं सोचा था कि हमारे खेतों में कभी नहरों के माध्यम से नर्मदा जल आ सकता है, हमारे खेत भी असिंचित से सिंचित होकर सोना उगल सकते है उस क्षेत्र के किसानों के लिए हरदा को पूर्ण रुप से सिंचित करने का संकल्प लेकर वर्षों से प्रयास कर रहे पूर्व मंत्री कमल पटेल का यह संकल्प पूर्ण होने वाला है। पूर्व मंत्री श्री पटेल के भागीरथी प्रयासों से ११८ गांवों की ३९ हजार ९७६ हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और गंजाल-मोरण्ड परियोजना पूर्ण होने के बाद हरदा जिला शत् प्रतिशत सिंचित जिले की श्रेणी में आज जाएगा। जिसकी पाईप लाईन डालने की शुरुआत आज सोनतलाई से की जाएगी। जिसका शुभारंभ पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल मुख्य अतिथि के रूप में करेंगे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय राज्यमंत्री डीडी उईके करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक संजय शाह, पूर्व विधायक मनोहरलाल राठौर, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा, जिपं अध्यक्ष गजेंद्र शाह रहेंगे। पूर्व में इस योजना से २६ हजार ८९० हेक्टेयर भूमि सिंचित होनी थी। जिसकी लागत ७२० करोड़ रूपए निर्धारित की गई थी। जब श्री पटेल ने देखा कि इस योजना के बाद भी कुछ क्षेत्र छूट रहे है तो उन्होंने प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव से इस सिंचाई परियोजना को बढ़ाने की बात कही। अब इस सिंचाई परियोजना से ३९ हजार ९७६ हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। नर्मदा नियंत्रण मंडल द्वारा इस परियोजना की लागत भी ७२० करोड़ से बढ़ाकर ९९३ करोड़ रुपए कर दी है। इस परियोजना में ३७ नए गांव की भूमि को शामिल किया गया है।
यह ग्राम होंगे लाभान्वित
शहीद इलाप सिंह परियोजना के तहत अजनई, अजनासखुर्द, बागरूल, भमोरी, भीमपुरा, बिछौलामाल, बिछौला रैय्यत, बिछौला शुक्ला, बिछौला टिक्कू, चिराखान, छिडगांव, डोमनमऊ, ढेकी, डोमरीखुर्द, डोमरीकलां, गाडरापुर दमानी, गाडरापुर सेठ, गौला, हनीफाबाद, हीरापुर, इडवारा, जामली दामानी, कचबैड़ी, काकरदा, करनपुरा, खरदाना, लोटया, मालपोन, मनोहरपुरा, नवरंगपुरा, पचोला, पाचातलाई, पीपलघाटा, रामपुरा, रेलवा, सेनगुढ़, सिगोन, सोनतलाई, सुरजना, ऊचान, उढाल, ऊवा, मिर्जापुर, नीमगांव, रेवापुर, आदमपुर, बमनई, चौकी, गोयत, हंडिया, जुगरिया, खेड़ीनीमा, मांगरुल, नयापुरा, खरतलाव, नांदरा, अजनास रैय्यत, मसनगांव, कांकरिया, रान्याखेड़ी, देवपुर, झिरन्या, काल्याखेड़ी, नगावां, साकट्या, हरपालिया, हिवाला, कुड़ावा, पानपाठ, सारंगपुर, खमलाय, भवरास, छिपानेर, चिचोट, जलौदा, गुल्लास, बैड़ी आदि ग्राम इस योजना से लाभान्वित होंगे।
देखा था संपूर्ण सिंचित हरदा का सपना : कमल पटेल
मैं जब पहली बार विधायक बना था। जब मैं अपने क्षेत्र के दौरे पर जाता था। तब देखता था जिस गांव में नहरों के माध्यम से सिंचाई होती है वह गांव के ग्रामीण समृद्ध है और जो गांव असिंचित है वहां पर किसानों का आर्थिक स्तर कमजोर है तब मैनें अपने मन में ही एक प्रण लिया था कि पूरे जिले के हर गांव को सिंचित बनाऊंगा, जिससे हर किसान समृद्ध हो और सम्पन्न हो। यह बात पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल ने एक पत्रकारवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि हालांकि हरदा जिले को पूर्ण रुप से सिंचित करने की सोचना लोगों ने इसे ख्याली पुलाव ही समझा था और इसे सिर्फ एक राजनीतिक जुमला ही कहते थे, लेकिन धीरे-धीरे मेरा यह संकल्प और पूर्ण सिंचित हरदा जिले का सपना पूरा होने वाला है। पहले तवा नहर को खिरकिया लाईन पार पहुंचाने की बात इंजीनियर तक नकार चुके थे, लेकिन उसे भी संभव कराया गया। जब मैं विपक्ष में विधायक था तब माचक नहर परियोजना स्वीकृत कराकर ६० गांवों की १० हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का कार्य किया है। आदिवासी क्षेत्र में इमलीढ़ाना जलाशय, आमाखाल तालाब योजना, जामन्या तालाब योजना पूर्ण कराकर असिंचित खिरकिया को सिंचित बनाने का कार्य किया है। आने वाले दिनों में गंजाल-मोरण्ड परियोजना और शहीद इलाप सिंह योजना के पूर्ण होने पर यह जिला शत् प्रतिशत सिंचाई वाला प्रदेश का पहला जिला बन जाएगा।

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