स्थायी कृषि और जैव विविधता संरक्षण में

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-सूक्ष्मजीवों की भूमिका… विषय पर हुआ एक दिवसीय सेमिनार  
अनोखा तीर, हरदा। हरदा डिग्री कॉलेज के लाइफ साइंस विभाग द्वारा स्थायी कृषि और जैव विविधता संरक्षण में सूक्ष्मजीवों की भूमिका विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सेमिनार में कृषि विज्ञान केंद्र, हरदा से सीनियर वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संध्या मुरे तथा डॉ. ओमप्रकाश भारती, वैज्ञानिक पादप संरक्षण विषय विशेषज्ञ मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने स्थायी कृषि में सूक्ष्मजीवों के महत्व, मृदा उर्वरता वृद्धि, जैव उर्वरकों के उपयोग, तथा जैव विविधता संरक्षण में माइक्रोब्स की निर्णायक भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। डॉ. मुरे ने बताया कि सूक्ष्मजीव न केवल पौधों की वृद्धि बढ़ाते हैं, बल्कि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर पर्यावरण को सुरक्षित रखने में भी सहायक हैं। वहीं डॉ. भारती ने पादप रोग नियंत्रण, जैविक कीटनियंत्रण एवं इको-फ्रेंडली कृषि तकनीकों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की सहा.प्राध्यापिका अभिलाषा टांक मेडम द्वारा किया गया। सेमिनार के माध्यम से छात्रों को स्थायी कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को समझने का अवसर मिला। इस सेमिनार के सफल आयोजन के लिए महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. गिरीश सिंहल, महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अभिलाषा सिंहल, उपप्राचार्य गणेश कुमार श्रीवास्तव, सेमिनार समन्वयक आनंद वर्मा, सत्येन्द्र सिंह परिहार ने बधाई प्रेषित की। सेमिनार में जीव विज्ञान संकाय से सहा.प्राध्यापक पवन राठौर, नरेंद्र खोरे, मुस्कान जैन एवं करिश्मा यादव उपस्थित रहे।

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