-विभिन्न सामाजिक चेतना केंद्रों का किया अवलोकन
अनोखा तीर, हरदा। उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिला सह समन्वयक मुकेश शर्मा और विकासखंड सह समन्वयक मुकेश बारवें द्वारा कई सामाजिक चेतना केंद्रों का अवलोकन किया गया। इस दौरान ग्रामवार प्रगति की जानकारी ली गई और नोडल अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बिरजाखेड़ी में ग्राम नोडल अधिकारी विजयश्री उपस्थित मिलीं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार गांव में 36 असाक्षर थे, जिनमें सभी 36 नवसाक्षर बनाए जा चुके हैं। रहटाखुर्द में नोडल अधिकारी प्रमिला जैन उपस्थित रहीं। यहां 2011 की जनसंख्या के अनुसार 444 असाक्षर थे। 20 सितंबर 2025 तक 260 नवसाक्षर तैयार किए जा चुके हैं, जबकि 184 शेष हैं। झुंडगांव में नोडल अधिकारी ओमप्रकाश वर्मा उपस्थित मिले। यहां 2011 के आधार पर 92 असाक्षर थे, जिनमें से 59 नवसाक्षर बन चुके हैं और 33 शेष हैं।
कनारदा में नोडल अधिकारी बलराम जोशी उपस्थित मिले। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 320 असाक्षर थे, जिनमें से 222 नवसाक्षर बन चुके हैं, जबकि 118 शेष हैं। खारपा में नोडल अधिकारी दीपाली गायकवाड़ उपस्थित मिलीं। यहां 2011 के अनुसार 99 असाक्षर थे, जिनमें से 96 नवसाक्षर बन चुके हैं और 3 शेष हैं। धुरगाड़ा में नोडल अधिकारी आशा डोगरे उपस्थित रहीं। गांव में 142 असाक्षर दर्ज थे, जिनमें से 116 नवसाक्षर हो चुके हैं तथा 26 शेष हैं। गहाल में नोडल अधिकारी संजय प्रसाद उपस्थित मिले। यहां 2011 के आधार पर 826 असाक्षर थे। 20 सितंबर 2025 तक 205 नवसाक्षर बन चुके हैं और 621 असाक्षर शेष हैं। गहाल हाई स्कूल में छात्रों को उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम तथा अक्षर साथी बनाने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। दुलिया में नोडल अधिकारी समीम कुरैशी उपस्थित मिले। यहां 2011 के अनुसार 221 असाक्षर थे, जिनमें से 149 नवसाक्षर बनाए जा चुके हैं और 72 शेष हैं। अवलोकन के दौरान नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गांव में शेष असाक्षरों का सर्वे कार्य नियमित रूप से किया जाए, अक्षर साथियों का गठन किया जाए तथा सामाजिक चेतना केंद्र और अध्ययन केंद्र को सुचारू रूप से संचालित किया जाए। साथ ही स्कूल प्रबंधन समिति, स्व-सहायता समूह और छात्र-छात्राओं का सहयोग लेकर साक्षरता अभियान को और मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए गए।

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