-जिला प्रशासन ने दिए सुधार के निर्देश
अनोखा तीर, रहटगांव। आमजन को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रहटगांव विकासखंड टिमरनी में चिकित्सा व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित रखने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी हरदा द्वारा 19 नवंबर 2025 को आदेश जारी किए गए। जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टिमरनी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेन्द्र कुशवाह को आगामी आदेश तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रहटगांव में सेवाएं देने के लिए निर्देशित किया है। साथ ही एक अतिरिक्त स्टाफ नर्स को भी रहटगांव भेजने के आदेश जारी किए गए हैं। डॉ. सिंह ने बताया कि रहटगांव स्वास्थ्य केंद्र पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और आगे से और अधिक सतर्कता बरती जाएगी, ताकि यहां आने वाले मरीजों और प्रसूति वाली महिलाओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके विपरीत, मिली जानकारी के अनुसार पोनसाढाना निवासी कैलाश कलम अपनी पत्नी प्रेमवती को प्रसव पीड़ा के कारण अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर व नर्स मौजूद नहीं थे। अधिक दर्द होने पर निवेदन करने पर प्रियंका सिस्टर ने सहयोग किया और डिलीवरी कराने की कोशिश की, लेकिन प्रीमेच्योर स्थिति के कारण समय पर डॉक्टर उपलब्ध न होने से नवजात शिशु की मृत्यु हो गई। घटना से दुखी कैलाश अपनी पत्नी को लेकर जिला अस्पताल की ओर रवाना हुए। बुधवार दोपहर इस घटना के विरोध में जयस पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश ककोडिया, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रायसिंह परते, जय कुमार उइके, राम काजले सहित आदिवासी समाज के लोगों ने तहसीलदार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि कैलाश कलम अपनी पत्नी को अस्पताल लेकर पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टर और नर्स की अनुपस्थिति के कारण समय पर उपचार न होने से नवजात की मौत हो गई, जो स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। समुदाय के लोगों ने ज्ञापन में मांग की कि इस मामले में तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होती है, तो समस्त आदिवासी समाज धरना-प्रदर्शन करेगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी जिला स्वास्थ्य विभाग की होगी।
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