अनोखा तीर, सोडलपुर। ग्राम के आदर्श बाल विकास हायर सेकेंडरी स्कूल में स्वाध्याय समूह के युवा पार्थ गुर्जर ने बच्चों को श्रीमद्भगवद्गीता के पवित्र संदेश और उसके जीवन-दर्शन के बारे में प्रेरक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गीता का ज्ञान व्यक्ति के विचार, आचरण और जीवन की दिशा को सकारात्मक रूप से बदलने की शक्ति रखता है। कार्यक्रम में बच्चों को समझाया गया कि गीता का पाठ मन को शांति, बल और एकाग्रता प्रदान करता है। गीता का सार कर्म करते रहना और फल की चिंता न करना। सफल जीवन का मूल मंत्र है। गीता का ज्ञान कर्तव्य, अनुशासन, धैर्य और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। स्वाध्याय समूह ने बच्चों से आग्रह किया कि वे 1 दिसंबर को गीता जयंती पर अपने-अपने घरों में गीता का पाठ करें, श्लोकों का अर्थ समझें और उसके संदेश को जीवन में उतारने का प्रयास करें। अंत में यह प्रेरक संदेश दिया गया कि गीता का प्रकाश केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला मार्गदर्शन है, जिसे हर बच्चे को अपनाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में आभार स्कूल प्राचार्य शिवकुमारी आंजने ने व्यक्त किया।
मन को स्थिर करने का मार्ग : गीता का योग और ज्ञान

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