अनोखा तीर, मसनगांव। केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण राशन योजना का अनुचित लाभ ले रहे नौ अपात्र हितग्राहियों के नाम ग्राम की राशन दुकान से हटा दिए गए हैं। ग्राम में गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले पात्र परिवारों को प्रति व्यक्ति 4 किलो गेहूं और 1 किलो चावल प्रति माह मुफ्त उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन कई संपन्न लोग भी इस योजना का लाभ ले रहे थे। खाद्य विभाग ने ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। कुछ लोगों ने स्वयं नाम हटाने के लिए आवेदन दिया, जबकि कुछ ने नोटिस का जवाब ही नहीं दिया। विभाग द्वारा जांच के बाद इन सभी अपात्रों के नाम सूची से काटकर इस माह से उनका राशन बंद कर दिया गया है। राशन दुकान संचालक सीमा चंदेल ने बताया कि शासन के नियमों के अनुसार केवल पात्र लोगों को ही राशन वितरण किया जा रहा है। विभाग से प्राप्त नौ लोगों की सूची के आधार पर कार्रवाई की गई। कुछ लोगों के जवाब आने के बाद भी वे पात्र नहीं पाए गए, वहीं कई लोगों ने कोई जवाब ही नहीं दिया, जिसके कारण उनका राशन बंद कर दिया गया है।
कई अपात्र अब भी उठा रहे योजना का लाभ
ग्रामीण क्षेत्रों के कई गांवों में आज भी ऐसे लोग हैं जिनके पास संपन्नता की सभी सुविधाएं मौजूद हैं, फिर भी वे गरीबों के लिए बनी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। यदि इनका मैदानी सत्यापन कराया जाए तो कई नाम सूची से और कट सकते हैं। बाइक, कार और अन्य सुविधाओं के बावजूद कुछ लोग योजना में शामिल होकर वास्तविक गरीबों का हक मार रहे हैं।
अलग-अलग श्रेणियों के आधार पर मिलता है राशन
केंद्र सरकार की इस योजना के तहत अंत्योदय, कल्याणी महिला, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, मजदूर और दिहाड़ी मजदूर सहित पात्र परिवारों को श्रेणीवार राशन दिया जाता है। इसके बावजूद कुछ संपन्न परिवार भी इसमें शामिल होकर योजना का लाभ उठा रहे हैं, जो नियमों के विपरीत है।
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