-नीमगांव में जाम्भाणी जारी, बड़ी संख्या में शामिल हो रहे विश्नोई समाज के लोग
अनोखा तीर, हरदा। नीमगांव स्थित श्रीगुरु जम्भेश्वर मंदिर में विश्नोई समाज का पांच दिनी अगहन महोत्सव मनाया जा रहा है। सुबह हवन यज्ञ के बाद दोपहर एक बजे से जाम्भाणी हरिकथा की जा रही है। मंगलवार को तीसरे दिन कथा की शुरुआत श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेव गायन के साथ किया गया। कथा का वाचन करते हुए आचार्य संत डा. गोवर्धनराम शिक्षा शास्त्री ने कहा कि खेत में खड़ी फसल से हम सीधे रोटी नहीं बना सकते। इसके लिए पहले हमें फसल काटनी होगी। इसके बाद उसे साफ कर खाने योग्य बनाना होता है। इसी तरह हमें जीवन में पुण्य कमाने के लिए कर्म करना होता है तभी जीवन सफल होता है। आचार्यश्री ने कहा कि हमें अपनी संतान को अच्छे संस्कार देना चाहिए। बेटी हो या बेटा उन्हें अनुशासन सिखाना चाहिए। हमें अपने आहार पर भी ध्यान देना चाहिए। अपने हाथों से स्वयं भोजन बनाकर ग्रहण करना चाहिए। श्रीगुरु जम्भेश्वर द्वारा रचित 29 नियमों को जो नहीं मान रहा है उनके हाथ से बना भोजन नहीं करना चाहिए। मालूम हो कि बुधवार शाम 6 बजे से नीमगांव में श्रीगुरु जम्भेश्वर भगवान की शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसी दिन रात 9 बजे से मंदिर में रात्रि जागरण का कार्यक्रम होगा, जिसमें भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। 20 नवंबर को कथा की पूर्णाहुति के साथ साथ प्रसादी का वितरण किया जाएगा। अगहन महोत्सव के दौरान प्रतिभा सम्मान समारोह भी किया जाएगा।
तांबे के लोटे से पिला रहे पानी
कोशिश पर्यावरण सेवक टीम के मप्र प्रभारी शांतिलाल सारन अगहन महोत्सव के पहले दिन से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हवन व कथा सुनने आने वाले लोगों को तांबे के लोटों से पानी पिला रहे हैं। इसके अलावा पूरे परिसर को प्लास्टिक मुक्त रख रहे हैं। उनके साथ पर्यावरण सेवक भी इस काम में जुटे हैं। कोशिश पर्यावरण सेवक टीम नीमगांव को रान्याखेड़ी निवासी सुभाष सारन ने 10 पीतल के लोटे भेंट किए।


