-करणी सेना परिवार एवं सर्व समाज 21 दिसम्बर को करेगा जनांदोलन
-खिरकिया में हुआ करणी सेना सर्व समाज कार्यालय का शुभारंभ
अनोखा तीर, खिरकिया। हरदा में 21 दिसंबर 2025 को होने वाले विशाल जनक्रांति न्याय आंदोलन की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। करणी सेना सर्व समाज ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए कमर कस ली है। इसी क्रम में संगठन ने रविवार को खिरकिया में करणी सेना सर्व समाज कार्यालय का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यालय का शुभारंभ और संगठन का विस्तार करणी सेना के जिला अध्यक्ष सुनील सिंह राजपूत ने कार्यालय शुभारंभ के अवसर पर बताया कि करणी सेना देश भर में मजबूती के साथ उभर रही है और जन समस्याओं के समाधान के लिए शहर-शहर में अपने कार्यालय खोल रही है। उन्होंने कहा, कार्यालय खोलने से आम जनता सीधे संगठन से जुड़ सकेगी और उनकी समस्याओं का हल निकालने में हमें आसानी होगी।
सर्व समाज एकजुट होकर लाखों की संख्या में करेंगे आंदोलन
इस आंदोलन के माध्यम से करणी सेना और सर्व समाज के लोग एकजुट होकर अपनी मांगों को शासन-प्रशासन के सामने रखेंगे। आंदोलन के दौरान, सर्व समाज अपनी 21 सूत्रीय मांगों को शासन प्रशासन के सामने रखेगी।
यह है प्रमुख मांगें
लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो। देवास व हरदा में दर्ज झूठे प्रकरण वापस लिए जाएँ।
-आरक्षण में भूमि व मकान की बाध्यता समाप्त हो केवल 8 लाख वार्षिक आय को आधार बनाया जाए। सभी भर्तियों में 5 वर्ष आयु छूट, प्रमाणपत्र की अवधि 3 वर्ष हो, छात्रवृत्ति व ऋण में रियायतें दी जाएँ। शेष रहे पदों को बैकलॉग के रूप में भरा जाए।आरक्षण पूर्णत: आर्थिक आधार पर लागू हो।
-एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत बिना जांच गिरफ्तारी पर लगे रोक
-सवर्ण आयोग का पुनर्गठन हो उसे वित्तीय व नीतिगत अधिकार देकर सक्रिय बनाया जाए।
-भर्ती कानून बने, वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी हो. देरी पर बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। पलिस भर्ती में अतिरिक्त 200 शुल्क वापस हो। सभी वर्गों को 5 वर्ष की छूट मिले। दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण की नीति बने।
-मध्यप्रदेश की भर्तियों में प्रदेश के युवाओं को प्राथमिकता मिले अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए सीमित कोटा तय हो।
-स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट लाग की जाए, खादों की कीमत नियंत्रित हो तथा फसल नकसान रोकने हेत ठोस योजना बने।
-कृषि उपकरणों पर छूट मिले। फसल बीमा योजना में सभी आपदाएं शामिल हों। फसल नुकसान पर ब्याज माफ हो। कम से कम 10 गुना क्लेम दिया जाए और 55,000 प्रति हेक्टेयर मुआवजा सनिश्चित हो। बिजली विलों का उचित समायोजन किया जाए।
-स्मार्ट मीटरों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए तथा बरे हुए
-धर्म या जाति बदलकर लड़कियों से धोखाधड़ी करने वालों पर कठोर कार्रवाई हो. ऐसे अपराधों को गंभीर श्रेणी में लाया जाए। अंतर्जातीय विवाह हेतु सरकारी सहायता राशि बंद हो।
-लव मैरिज में माता-पिता की सहमति अनिवार्य हो, भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों की रक्षा हेतु नया विवाह कानूनचने।
-सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था समाप्त जाए।
-गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाए। गौशालाओं का सुधार, गोबर व गौमूत्र की सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाए।
-गौशालाओं को प्रतिमाह डीबीटी से अनुदान दिया जाए।
-पूर्व सैनिकों को नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण होरिज़ॉन्टल विद कम्पार्टमेंट नियम अनुसार लागू हो। सभी जिलों में सैनिक हेल्पडेस्क स्थापित किए जाएँ।

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