अनोखा तीर, हरदा। हरदा जिले के किसानों के लिए यह गर्व और सौभाग्य का क्षण है। हरदा अब मध्यप्रदेश का पहला जिला बन गया है जो 100 प्रतिशत सिंचित हो चुका है। पूर्व मंत्री कमल पटेल ने कहा कि यह उपलब्धि किसानों की समृद्धि की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। कमल पटेल ने बताया कि जब वे कृषि मंत्री थे, तब शहीद ईलाप सिंह उद्वहन सिंचाई परियोजना की घोषणा मुख्यमंत्री से करवाई थी। प्रारंभ में यह परियोजना केवल 5 से 7 गांवों के लिए थी, लेकिन इसे विस्तार देकर 118 गांवों तक पहुंचाया गया। परियोजना के तहत 26890 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई के दायरे में लाया गया। कई गांव ऐसे थे जहां तवा नहर होते हुए भी पर्याप्त पानी नहीं पहुंचता था। कुछ गांवों में 75 प्रतिशत, कुछ में 50 प्रतिशत और कहीं केवल 25 प्रतिशत तक ही सिंचाई होती थी। इसलिए सभी गांवों को लिफ्ट इरीगेशन योजना में शामिल किया गया, जिससे कुल 39976 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, और विभागीय अधिकारियों जिनमें एएसआईएस राजोरिया से मुलाकात की गई। उनकी पहल पर यह योजना तवा सिंचाई परियोजना, उज्जवल सिंचाई परियोजना और गंजाल-मोरन परियोजना से जोड़ी गई। अब शहीद ईलाप सिंह और गंजाल मोरन के तहत क्रमश: 40-40 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि भी शामिल की गई है। कमल पटेल ने कहा कि जब हरदा जिला शत-प्रतिशत सिंचित होगा, तब यह जिला वास्तव में विकसित बन जाएगा। किसान सालभर फसल ले सकेंगे, व्यापार बढ़ेगा, उद्योग-धंधे चलेंगे और जिले में समृद्धि आएगी। उन्होंने कहा कि हरदा जिले की 196000 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में से पहले केवल 104843 हेक्टेयर जमीन तवा नहर से सिंचित होती थी। लेकिन उनके प्रयासों से शहीद ईलाप सिंह उद्वहन परियोजना और मोरन गंजाल परियोजना से अब शेष क्षेत्र भी सिंचाई से जुड़ गया है। शहीद ईलाप सिंह परियोजना से 118 गांवों की 39980 हेक्टेयर जमीन और मोरन गंजाल से 40815 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। पूर्व मंत्री ने कहा कि नहरों के स्थान पर अब पाइपलाइन के माध्यम से पानी दिया जाएगा ताकि किसानों की जमीन भी सुरक्षित रहे और हर खेत तक पानी पहुंचे। उन्होंने बताया कि नहरों के अंतिम छोर (टेल एरिया) में कई गांवों को पानी नहीं मिल पाता था, जिससे विवाद की स्थिति बनती थी। ऐसे सभी गांवों को अब आउट कमांड क्षेत्र घोषित कर शहीद ईलाप सिंह परियोजना में शामिल किया गया है। कमल पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का 2047 तक विकसित भारत का जो सपना है, उसे हमने हरदा जिले में 2025 में ही साकार कर दिया है। हरदा जिला अब पूरी तरह संचित है यह पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है।
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