-तवा डेम से 218 क्यूसेक पानी छोड़ा
अनोखा तीर, हरदा। 3 नवंबर को शाम 5 बजे प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी रवि सिंचाई की शुरुआत के अवसर पर तवा डेम पहुंचकर नहर, डेम एवं जल देवता का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद हरदा और नर्मदापुरम जिले की सिंचाई हेतु तवा बांयी तट नहर में प्रारंभिक रूप से 218 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। मांग के अनुसार नहर में जल प्रवाह धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। यह पानी 5 नवंबर तक हरदा जिले की नहरों में पहुंच जाएगा और सिंचाई कार्य की शुरुआत हो जाएगी। भारतीय किसान संघ के नहर पूजन का यह 26वां वर्ष है। जिला जल संसाधन विभाग प्रभारी दीपचंद नवाद ने बताया कि 26 वर्ष पूर्व ग्राम बाजानिया के पास अजनई उपनहर की टू आर माइनर से प्रारंभ हुआ यह नहर पूजन कार्यक्रम आज पूरे प्रदेश और देश के सैकड़ों स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है। नहर एवं जल पूजन का उद्देश्य आमजन में जल एवं नहरों के प्रति सम्मान, जागरूकता और जल संरक्षण की भावना विकसित करना है। नवाद ने कहा कि जल बनाया नहीं जा सकता, केवल बचाया जा सकता है। पानी की एक-एक बूंद का सदुपयोग हो, व्यर्थ बहाव को रोका जाए, ताकि पेयजल, रवि सिंचाई एवं ग्रीष्मकालीन मूंग जैसी फसलों के लिए पर्याप्त अमृत तुल्य जल उपलब्ध हो सके। इससे अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित कर उन्नति के नए द्वार खोले जा सकते हैं। सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ यह नहर एवं जल पूजन कार्यक्रम एक मिसाल बनकर सामने आया है। शासन एवं प्रशासन की ओर से भी इस पर सराहनीय सहयोग दिया जा रहा है। पूजन कार्यक्रम के दौरान भारतीय किसान संघ के दीपचंद नवाद, बिष्णु प्रसाद मालाकार, धीरज दोगने, सोनू कमेड़िया सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता आर आर मीणा, इटारसी से कार्यपालन यंत्री अंकित सराफ, एचईजी से अभिमन्यु सिंह, अनुविभागीय अधिकारी एन के सूर्यवंशी, प्रमोद जाटव, धर्मेंद्र शुक्ला, राजकुमार सोनारे सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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