-बोनी को लेकर असमंजस में किसान
अनोखा तीर, मसनगांव। कार्तिक महीने में मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण कभी सर्दी, कभी गर्मी तो कभी बारिश का मौसम बना हुआ है। गुरुवार को सुबह से ही आसमान पर बादल छाए रहे और दोपहर में कुछ देर हल्की बारिश हुई। इसके बाद मौसम साफ हो गया, लेकिन बादलों की वजह से धूप नहीं निकली। मौसम के इस बदलाव से किसान असमंजस में हैं कि रबी सीजन की फसलों की बोनी शुरू करें या कुछ दिन और इंतजार करें। पिछले दिनों हुई बारिश से खेतों में नमी अच्छी बनी हुई है। यदि पलेवा किया जाता है तो बतर आने में समय लगेगा, जिससे बोनी देर से हो सकती है। वहीं, जल्दी बुवाई करने पर अधिक वर्षा का डर बना हुआ है। ऐसे में क्षेत्र के कई किसान फसलों की बुवाई को लेकर उलझन में हैं।
नई फसलों की ओर रुझान
इस साल क्षेत्र के कई किसान नई फसलों की ओर रुझान दिखा रहे हैं। इनमें चिंया सीड्स, राजमा, मटर, रायड़ा और लहसुन जैसी फसलें शामिल हैं। पहले ये फसलें मंदसौर, नीमच, रतलाम और राजस्थान जैसे क्षेत्रों में बोई जाती थीं, लेकिन अब धीरे-धीरे हरदा जिले में भी इनकी खेती शुरू हो गई है।
चने का उत्पादन और भाव कम होने से बदला रुझान
किसानों के नई फसलों की ओर रुझान का मुख्य कारण क्षेत्र में चने के उत्पादन और भाव में आई गिरावट है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। बढ़ते खर्च और लागत के कारण अधिकांश किसान कर्ज में डूबे हैं। हर साल अच्छे उत्पादन की उम्मीद में वे उन्नत बीज लेकर खेती करते हैं, लेकिन उत्पादन कम होना और मंडियों में उचित मूल्य न मिलना उनकी मेहनत पर पानी फेर देता है। इसी कारण अब किसान नई फसलों की ओर रुख कर रहे हैं।
Views Today: 2
Total Views: 196

