-किसानों की सात सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट का किया घेराव
अनोखा तीर, हरदा। हरदा में बुधवार को कांग्रेस ने किसानों की सात सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। इस दौरान भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्टर से मिलने के लिए समय मांग रहे थे, जब कलेक्टर सिद्धार्थ जैन बाहर नहीं आए तो टिमरनी विधायक गेट पर चढ़कर अंदर घुस गए। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच हल्की झड़प हो गई। कलेक्ट्रेट के अंदर कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे। हरदा जिले के दोनों कांग्रेस विधायक अपने समर्थकों के साथ कलेक्टर परिसर में धरने पर बैठ गए और रघुपति राघव राजा राम का भजन गाने लगे।
कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़े विधायक
स्थिति को शांत करने के लिए एडीएम पुरुषोत्तम कुमार और एएसपी अमित मिश्रा मौके पर पहुंचे और दोनों विधायकों से बातचीत की। प्रदर्शन में हरदा विधायक डॉ. आर.के. दोगने, टिमरनी विधायक अभिजीत शाह, किसान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष धर्मेंद्र चौहान और कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन विश्नोई सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों से मिलने एडीएम पुरुषोत्तम कुमार और एसडीएम अशोक डेहरिया पहुंचे, लेकिन कांग्रेस नेता कलेक्टर से मिलने पर अड़े रहे।
किसानों के लिए खाद, मुआवजा और बीमा राशि की मांग
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले चार महीनों से जिले के सैकड़ों किसान खाद के लिए परेशान हैं, उन्हें समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसके अतिरिक्त, लगातार बारिश के कारण मक्का और सोयाबीन की फसलें पूरी तरह खराब हो गई हैं। किसानों को अब तक न तो बीमा राशि मिली है और न ही कोई मुआवजा दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने हरदा जिले को प्राकृतिक आपदाग्रस्त घोषित करने की मांग की। उन्होंने सोयाबीन, मक्का सहित अन्य फसलों की क्षति के लिए 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की राहत राशि और तत्काल बीमा लाभ देने की मांग की। कांग्रेस ने जिला प्रशासन द्वारा किए गए सर्वे को गलत बताते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर पटवारी द्वारा क्रॉप कटिंग के आधार पर पंचनामा बनाने की बात कही, ताकि सैटेलाइट सर्वे की विसंगतियों को दूर किया जा सके। किसानों ने आगामी रबी सीजन की बुवाई के लिए बिजली और बैंक वसूली रोकने की भी मांग की। उनकी अन्य मांगों में सोयाबीन और मक्का की समर्थन मूल्य पर खरीदी, मंडी में बेची गई उपज का नकद भुगतान, और मंडियों में समर्थन मूल्य से कम भाव पर बोली न लगाना शामिल था। उन्होंने मंडियों में किसानों के लिए भोजन की टोकन व्यवस्था और शेड में पंखे लगाने की भी मांग की। कांग्रेस ने तत्काल किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया खाद उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही, हंडिया तहसील के अलावा जिले की अन्य तहसीलों में पटवारी द्वारा गिरदावरी में रिक्त लिखे गए खेतों को तत्काल सुधारने की मांग की, ताकि किसान राहत राशि और बीमा लाभ से वंचित न रहें।


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