अनोखा तीर, हरदा। हरदा में दीपावली के दो दिन बाद बुधवार सुबह जिलेभर में गोवर्धन पूजा हुई। इस अवसर पर श्री सत्यनारायण मंदिर में अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया गया। पुजारी पंडित बालू व्यास ने भगवान सत्यनारायण का विशेष श्रृंगार किया, जिसके बाद पूजन और महाआरती की गई। पुजारी व्यास ने बताया कि सामान्यत: गोवर्धन पूजा दीपावली के दूसरे दिन होती है। हालांकि, इस वर्ष दो अमावस्या होने के कारण अन्नकूट महोत्सव दीपावली के दो दिन बाद मनाया गया। उन्होंने गोवर्धन पूजा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार को तोड़कर गोवर्धनवासियों की रक्षा की थी। इंद्र ने सात दिनों तक भीषण बारिश कराई थी, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी एक उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर सभी की रक्षा की। अंत में इंद्र ने उनसे क्षमा याचना की, जिसके बाद से गोवर्धन की पूजा शुरू हुई। पुजारी व्यास ने 56 भोग की परंपरा के बारे में भी बताया। उनके अनुसार, माता यशोदा भगवान कृष्ण को दिन में आठ बार अलग-अलग व्यंजन खिलाया करती थीं। जब भगवान कृष्ण ने सात दिनों तक गोवर्धन पर्वत उठाया, तो ब्रजवासियों ने उन्हें भूखा रहने के बाद 56 व्यंजनों का भोग लगाया। इसी के साथ अन्नकूट महोत्सव भी मनाया जाता है। महोत्सव के दौरान 56 प्रकार के अन्न को कूटकर महाप्रसाद तैयार किया गया। दोपहर 12 बजे मंदिर में पूजन के बाद भगवान को भोग लगाया गया और उपस्थित श्रद्धालुओं को यह महाप्रसाद वितरित किया गया।
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