-बीमारी से बचाने जलती आग से कुदाते हैं मवेशियों को
आनंद गौर, बालागांव। जिले में गोवर्धन पूजन के दिन ग्रामीणों ने परंपरागत रीति से अपने पालतू जानवरों को आग की लपटों के ऊपर से कुदाया। मान्यता है कि इससे जानवर साल भर किसी प्रकार की बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं और स्वस्थ रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह परंपरा जानवरों में चलने वाली बड़ी बीमारियों से भी सुरक्षा देती है। इस परंपरा के तहत सुबह से ही घरों के सामने आग लगाई जाती है और सभी गौ, बैल, भैस और अन्य पालतू जानवरों को इसके ऊपर से कुदवाया जाता है। आयोजन में गांव के बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी भाग लेते हैं। आम तौर पर यह कार्यक्रम दिवाली के अगले दिन आयोजित किया जाता है, लेकिन इस वर्ष गोवर्धन पूजन की तिथि के अनुसार यह एक दिन पहले आयोजित किया गया। जिले के लगभग सभी गांवों में यह परंपरा बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है और ग्रामीण बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सा लेते हैं। पुरानी मान्यताओं के अनुसार यह परंपरा द्वापर युग से चली आ रही है। गोवर्धन पूजन के इस आयोजन के बाद जिले में कल भाई दूज का त्यौहार भी बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
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