अनोखा तीर, मसनगांव। क्षेत्र में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया। मंगलवार को सुबह से ही आसमान पर बादल छाए रहे, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई। इस समय खेतों में खड़ी सोयाबीन और मक्का की फसल की कटाई जारी है। बादलों के छाने और बारिश की आशंका के कारण किसान सहमे हुए हैं। खेतों में हार्वेस्टर और मजदूरों द्वारा कटाई का काम जारी है, जबकि कई खलिहानों में सोयाबीन की उपज निकालकर रखी गई है। बारिश की आशंका से उपज को सुखाने का मौका नहीं मिल रहा है, जिससे नमीयुक्त फसल को अंदर करना मजबूरी बन गई है। वहीं, खेतों में खड़ी फसल को काटने में भी समय लग रहा है, क्योंकि कई खेतों में नमी अधिक होने के कारण हार्वेस्टर नहीं चल पा रहे हैं। ग्राम के सरदार मुकाती ने बताया कि सोयाबीन की फसल पककर तैयार है, लेकिन खेत में नमी अधिक होने के कारण हार्वेस्टर नहीं चल पा रहे हैं। इससे कटाई में देरी हो रही है और यदि बारिश होती है तो किसानों को और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम साफ होने पर किसान खेतों में खड़ी फसल काटने का काम शुरू करते हैं, लेकिन मौसम फिर बदल जाने से उनकी चिंता बढ़ गई है।
बादल से बढ़ी उमस और गर्मी
आसमान पर बादल छाने के बाद वापस गर्मी और उमस बढ़ गई है। पिछले चार दिनों से मौसम ठंडा होने के कारण दोपहर में हल्की ठंडक का एहसास हो रहा था और सुबह-शाम गुलाबी सर्दी महसूस होती थी। बच्चे और बुजुर्ग गर्म कपड़ों में नजर आने लगे थे। लेकिन मंगलवार से तापमान बढ़ने से गर्मी का एहसास होने लगा है। गर्मी बढ़ने के कारण मच्छर और उड़ने वाले कीड़ों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।
स्वास्थ्य पर असर
बेमौसम बादलों के छाने से मानव स्वास्थ्य पर भी असर दिखाई दे रहा है। ग्राम के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना 35 से 40 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र के सदस्य चिकित्सक डॉक्टर मनीष गौर ने बताया कि खराब मौसम के कारण मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पहले स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना 20 से 25 मरीज आते थे, अब 35 से 40 मरीज आ रहे हैं। इन मरीजों में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, शुगर और बीपी जैसी बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को जिला चिकित्सालय भेजा जा रहा है। डॉ. गौर ने कहा कि मौसम के कारण खान-पान पर नियंत्रण रखना और
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