अनोखा तीर, हरदा। आम किसान यूनियन द्वारा ग्राम अबगांव खुर्द में सरकार की भावांतर नीति के विरोध में प्रतीक स्वरूप भावांतर योजना का पुतला दहन किया गया। किसानों ने बताया कि अतिवृष्टि के कारण फसलें पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं, लेकिन अब तक सरकार द्वारा मुआवजे की घोषणा नहीं की गई है। वहीं जिन क्षेत्रों में फसलें बची हैं, वहां किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इसी आक्रोश के चलते यूनियन ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने मांग की कि अतिवृष्टि, कीट और वायरस से नष्ट हुई फसलों का तुरंत सर्वे कर मुआवजा दिया जाए तथा नष्ट हुई फसलों की अनावरी सार्वजनिक की जाए, ताकि किसान बीमा का लाभ प्राप्त कर सकें। साथ ही वर्तमान में लागू भावांतर योजना को तत्काल प्रभाव से बंद कर सभी फसलों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाए। वर्ष 2018 की भावांतर योजना की बकाया राशि जल्द से जल्द किसानों को दी जाए और रासायनिक उर्वरक डीएपी एवं यूरिया की उपलब्धता पंचायत स्तर पर समिति के माध्यम से ऋणी व अऋणी किसानों दोनों को सुलभ कराई जाए। किसानों ने यह भी कहा कि पंचायत राता तलाई में बेसहारा मवेशियों से फसलें लगातार नष्ट हो रही हैं और सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए इन मवेशियों का उचित प्रबंधन गौशालाओं में किया जाए। इसके अलावा खेतों तक पहुंचने वाले रास्तों का अर्थ वर्क कर सुधार किए जाने की भी मांग की गई। किसान हरनाथ चोयल ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है। खरीफ की फसलें नष्ट हो चुकी हैं और अब रवि फसलों के लिए खाद की व्यवस्था को लेकर किसान कर्ज में डूबता जा रहा है। किसान द्वारका गुर्जर ने कहा कि जब न्यूनतम समर्थन मूल्य सरकार स्वयं तय करती है, तो फसलों की खरीदी उसी मूल्य पर करने में आपत्ति क्यों की जा रही है। इस अवसर पर राहुल दुकतावा, सुरेश कुड़िया, कैलाश गोल्या, कैलाश करोड़े, मुरलीधर गुर्जर सहित कई किसान उपस्थित रहे।
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