हरदा जिले में 1100 करोड़ की फसल बर्बाद

-किसानों को तत्काल राहत देने की मांग:  शांति जैसानी
अनोखा तीर, हरदा। लगातार हुई भारी वर्षा और जलभराव से हरदा जिले की प्रमुख फसलें सोयाबीन और मक्का इस वर्ष बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। किसान नेता शांति कुमार जैसानी ने स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है और किसानों को तत्काल राहत एवं उचित मुआवजा देने की मांग की है। जैसानी ने बताया कि हरदा जिले में लगभग 1 लाख 80 हजार हेक्टेयर भूमि पर खेती होती है, जिसमें मुख्य रूप से सोयाबीन और मक्का की फसल ली जाती है। इस बार प्राकृतिक आपदा के कारण जिले में लगभग 1100 करोड़ रुपये की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष किसान दीपावली से पहले यही फसल मंडी और सरकारी एजेंसियों को बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं, जिससे जिले का आर्थिक चक्र सक्रिय रहता है। लेकिन इस बार फसल नष्ट होने से किसान, मजदूर, व्यापारी और मध्यम वर्ग सभी वर्ग प्रभावित हुए हैं। जमना जैसानी फाउंडेशन ने सरकार से मांग की है कि हरदा जिले को कम से कम 500 करोड़ रुपये का मुआवजा तत्काल प्रदान किया जाए। इसके साथ ही वर्तमान में लागू आरबीसी 6(4) नियम के तहत मिलने वाले कम मुआवजे को संशोधित कर उचित राशि दी जाए। फाउंडेशन ने यह भी कहा कि किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड और बीमा योजनाओं के माध्यम से 1100 करोड़ रुपये से अधिक की प्रीमियम राशि जमा की है, अत: बीमा कंपनियों को निर्देश देकर पूर्ण बीमा राशि किसानों को दिलाई जाए। इसके अतिरिक्त अगली फसल के लिए किसानों को उच्च गुणवत्ता के बीज निशुल्क या अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएं तथा डीएपी और यूरिया जैसे खाद बिना किसी लाइन और संकट के समय पर किसानों तक पहुंचाए जाएं। शांति कुमार जैसानी ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में किसानों की सरकार है, तो अब समय है कि वह किसानों के साथ खड़ी होकर उन्हें वास्तविक राहत प्रदान करे।

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