अनोखा तीर, हरदा। आम किसान यूनियन अपनी मांगों की पूर्ति के लिए प्रत्येक पंचायत स्तर पर ट्रैक्टर रैली व ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसी क्रम में आज ग्राम पंचायत भुन्नास, खेड़िनीमा, अबगांव कलां, रेलवा, केलनपुर और ख़मलाय में विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली गई और पंचायत के सरपंच व सचिव को संयुक्त रूप से ज्ञापन प्रेषित किया गया। यूनीयन ने बताया कि अब तक जिले की 17 ग्राम पंचायतों में यह कार्यक्रम किया जा चुका है और आने वाले दिनों में सभी पंचायतों में रैली और ज्ञापन कार्यक्रम किए जाएंगे।
किसान यूनियन की प्रमुख मांगें
अतिवृष्टि, कीट व वायरस से नष्ट हुई फसलों का तुरंत सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दिया जाए और नष्ट हुई फसल की अनिवार्यता (नष्ट हुई फसल का प्रमाण/रिपोर्ट) सार्वजनिक की जाए ताकि किसान बीमा का लाभ भी प्राप्त कर सकें।
-वर्तमान में लागू भावांतर योजना को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए एवं समस्त फसलों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाए।
-वर्ष 2018 की भावांतर की बकाया राशि जल्द से जल्द किसानों को प्रदान की जाए।
-रासायनिक उर्वरक डीएपी एवं यूरिया की उपलब्धता प्रत्येक पंचायत स्तर पर समिति के माध्यम से ऋणी व अऋणी किसानों के लिए सुलभ करवाई जाए।
-पंचायत सन्नास्या (पशुपालन व गऊ पालन से संबंधित व्यवस्थाओं) में बेसहारा मवेशियों से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं और सड़कों पर दुर्घटनाएं हो रही हैं, उनका उचित प्रबंधन कराते हुए गौशालाओं में रखा जाए।
-प्रत्येक खेतों के रास्तों का अर्थ वर्क कराया जाए।
इस अवसर पर ग्राम खेड़िनीमा के किसान संतोष जाजड़ा और केलनपुर के किसान संदीप राजपूत ने कहा कि वर्तमान भावांतर योजना किसानों के साथ छलावा है और इससे केवल व्यापारियों व बिचौलियों को लाभ होगा। इसलिए सरकार को अपनी भावांतर नीति तुरंत समाप्त करनी चाहिए। ग्राम भुन्नास के किसान दीपक व सोनू सिरोही ने पूछा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य सरकार द्वारा घोषित है, फिर भी किसानों को वह मूल्य क्यों नहीं दिया जा रहा। ग्राम रेलवा के किसान राकेश दुगाया व अनिल मातवा ने कहा कि जिन किसानों की सोयाबीन व मक्का फसल खराब हुई है, उन्हें तुरंत राहत राशि दी जाए तथा पारदर्शिता से सर्वे कर बीमा का उचित लाभ कराया जाए। आम किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर निष्क्रिय रहेगी तो संगठन जिला स्तर एवं राजधानी भोपाल पर विशाल और अनिश्चितकालीन प्रदर्शन करने को बाध्य होगा, जिसकी समस्त जवाबदारी मध्य प्रदेश सरकार पर होगी। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों में ईश्वर सिरोही, शैलेन्द्र गौर, धर्मेंद्र जाजड़ा, राजा डूडी, त्रिलोक विश्नोई, किशनलाल मीणा, जगदीश शर्मा, कृपाराम राठौर, सुरेश मातवा एवं दिनेश गौर आदि शामिल थे।
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