अनोखा तीर, मुंबई। सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेता विवेक ओबेराय ने गौवंश और सनातन धर्म पर कहा है कि हमारे देश का आधार गौमाता है। अगर गौवंश रहेगा तो ही सनातन धर्म सुरक्षित रहेगा। फिल्म अभिनेता विवेक ओबेराय ने गौवंश और सनातन धर्म की महत्ता बताते हुए कहा कि मेरे पिता जी सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेता सुरेश ओबेरॉय ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक गौमाता की सुरक्षा, संरक्षण और संवर्धन के लिए पदयात्रा निकाली। वे किसानों से मिले और कई महीनों तक सुदूर के गांव-गांव तक गए। उन्होंने गौमाता का देश की आर्थिक संरचना में योगदान बताते हुए समझाया कि कैसे गौमाता का संरक्षण किया जाए। उन्होंने गौ हत्या की रोकथाम के भी सघन प्रयास किए। विवेक ओबेरॉय ने गौमाता और सनातन धर्म पर विस्तृत उद्बोधन दिया। चर्चित अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने यह बात भारत के पहले गौवंश पर आधारित राष्ट्रीय समाचारपत्र गऊ भारत भारती की 11वीं वर्षगाँठ पर राष्ट्र सेवा सम्मान समारोह के आयोजन में कही। जुहू इस्कॉन सभागार मुंबई में गुरुदेव आचार्य लोकेश मुनि की अध्यक्षता और सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय के मुख्य अतिथित्व में यह कार्यक्रम हुआ। अन्य अति विशिष्ट अतिथियों के रुप में यहां सद्गुरु डॉ. दयानिधि , विनय गोपाल सिंह, महेंद्र संगोई, सुनील सेठ और विशेष तौर पर हैदराबाद से आए ज्योतिषचार्य कल्याण शास्त्री भी उपस्थित थे। गुरुदेव आचार्य लोकेश मुनि ने भी गऊ भारत भारती और उसके संस्थापक संजय अमान के कार्यो की सराहना की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विवेक ओबेराय (सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेता और उद्योगपति), विनय गोपाल सिंह (उद्योगपति), महेंद्र भाई संगोई और सद्गुरु डॉ. दयानिधि राष्ट्रीय संत ने गौ भक्तों और गौवंश के लिए कार्य कर रहे लोगों तथा कला, साहित्य, समाजसेवा के क्षेत्र में सराहनीय काम करने वालों को राष्ट्र सेवा सम्मान से सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में जीतेश्वर इंफ़्रा की प्रबंध निदेशिका रंजना सिंह, वर्षा चतुर्वेदी, संगीत मासूम, समर्था महालक्ष्मी, लेखिका ललिता जोगड़, हरेश वोरा, विजय पहरिया, डॉ.लेना गुप्ता, एरीपरला योगानन्द शास्त्री को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जयश्री, विशाल भगत और हिम बहादुर सोनार भी उपस्थित थे।
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