पूर्व एडीएम नागार्जुन गौड़ा पर भ्रष्टाचार के आरोप

WhatsApp Image 2025-09-19 at 11.24.35 PM

-पाथ कंपनी को 51 करोड़ की जगह सिर्फ 4 हजार रुपए का जुर्माना किया
अनोखा तीर, हरदा। हरदा में अवैध खनन के एक विवादास्पद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे निर्माण में शामिल पाथ इंडिया कंपनी पर लगा 51.67 करोड़ का जुर्माना अब घटकर मात्र 4,032 रुपए रह गया है। यह मामला करीब दो साल पुराना है। तत्कालीन एडीएम प्रवीण फुलपगारे ने अंधेरीखेड़ा में 18 खसरों में बिना अनुमति 3.11 लाख घनमीटर मुरम मिट्टी की खुदाई पर कंपनी पर 51.67 करोड़ का जुर्माना लगाया था। इसमें 25.83 करोड़ रुपए जुर्माना और उतनी ही राशि पर्यावरण क्षति के रूप में शामिल थी। तत्कालीन एडीएम डॉ. नागार्जुन गौड़ा ने मामले की समीक्षा में कई खामियां पाईं। जांच टीम ने न तो मौका पंचनामे पर ग्रामीणों के हस्ताक्षर लिए और न ही फोटो-वीडियोग्राफी की। उन्होंने पाया कि अंधेरीखेड़ा में पाथ कंपनी के अलावा भूमि स्वामियों और अन्य लोगों ने भी खनन की अनुमति ली थी। एडीएम गौड़ा ने कंपनी द्वारा स्वीकार किए गए 2,688 घनमीटर अवैध खनन के लिए 4,032 रुपए का जुर्माना तय किया। इसमें अवैध उत्खनन और पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिए 2,016-2,016 रुपए शामिल हैं। उन्होंने कहा कि खनिज विभाग की लापरवाही के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि वास्तविक अवैध खनन किसने किया। आरटीआई कार्यकर्ता आनंद जाट ने एडीएम कोर्ट की जानकारी आरटीआई से निकाली। इसी के बाद हंगामा मचा हुआ है। उन्होंने इस मामले में अधिकारियों पर रुपए के लेनदेन के आरोप लगाए हैं। आनंद ने कहा कि करोड़ों रुपए का लेनदेन हुआ है। अब वे इस मामले की शिकायत केंद्रीय कार्मिक विभाग नईदिल्ली से करेंगे। हालांकि, तत्कालीन एडीएम (वर्तमान जिला पंचायत सीईओ खंडवा) डॉ. गौड़ा ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि बतौर न्यायाधीश दस्तावेजी साक्ष्य,अधिवक्ता के तर्क के आधार पर आदेश पारित किया है।
एडीएम के आदेश को कैसे बदल सकते हैं एडीएम
पाथ कंपनी पर एडीएम प्रवीण फुलपगारे ने अंधेरीखेड़ा में 18 खसरों में बिना अनुमति 3.11 लाख घनमीटर मुरम मिट्टी की खुदाई पर कंपनी पर 51.67 करोड़ का जुर्माना लगाया था। इसमें 25.83 करोड़ रुपए जुर्माना और उतनी ही राशि पर्यावरण क्षति के रूप में शामिल थी। साथ में यह आदेश भी था कि यदि एक माह के अंदर यह राशि जमा नहीं की तो डबल जुर्माना अदा करना होगा। एडीएम फुलपगारे द्वारा दिए गए इस न्यायालयीन आदेश से यदि पाथ कंपनी असंतुष्ट थी तो उसे इस न्यायालयीन आदेश के विरुद्ध संभागीय आयुक्त के पास अपील करनी थी, लेकिन एडीएम फुलपगारे का तबादला होने के बाद एडीएम न्यायालय में ही नागार्जुन गौड़ा ने करोड़ो के जुर्माने की राशि को बदलकर मात्र 4 हजार रुपए किए जाना बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है। इस मामले की यदि निष्पक्ष जांच की जाती है तो करोड़ों का भ्रष्टाचार उजागर हो सकता है।

Views Today: 2

Total Views: 554

Leave a Reply

लेटेस्ट न्यूज़

MP Info लेटेस्ट न्यूज़

error: Content is protected !!