अनोखा तीर, हरदा। नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना का पर्व होने के साथ-साथ जीवन से दुर्गुणों को त्याग कर शक्ति अर्जित करने का पर्व भी है। यह बात कच्छ कड़वा सनातन पाटीदार समाज की धर्मशाला में आयोजित गरबा महोत्सव में डॉ. एल.एन. पाराशर ने कही। उन्होंने कहा कि जब प्रार्थना व्यक्तिगत रूप में होती है तो यह स्वयं और परिवार का कल्याण करती है, लेकिन जब यह सामूहिक रूप में होती है तो समाज और राष्ट्र के हित में कार्य करती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय राष्ट्र को शक्ति प्रदान करने का समय है और स्वदेशी विचार तथा स्वदेशी ताकत देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक हो सकती है। डा. पाराशर ने अपने उद्बोधन में यह भी कहा कि भारत के आत्म-सम्मान और स्वावलंबन को ध्यान में रखते हुए हमें स्वदेशी आभार, विचार और वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए। यह राष्ट्र को सशक्त बनाने का समुचित साधन है। कार्यक्रम की शुरुआत मां दुर्गा की आरती से हुई, इसके बाद स्वदेशी मेला का उद्घाटन प्रांत सह समन्वयक रविलाल पटेल ने किया। उन्होंने कहा कि संपूर्ण गुजराती समाज दुर्गा पंडालों और गरबा महोत्सव के माध्यम से स्वदेशी अपनाने की शपथ लेगा और विदेशी वस्तुओं का त्याग करेगा। हरदा में भी उपस्थित पुरुष, महिलाएं, युवा और बच्चे स्वदेशी अपनाओ विदेशी भगाओ की सामूहिक शपथ लेने के लिए आगे आए। कार्यक्रम में जिला समन्वयक नरेंद्र राठी, शैलेष साबू, नटवर भाई पटेल सहित सैकड़ों गुजराती समाज के सदस्य उपस्थित थे।
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