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Friday, 16 October 2026
हरदा

हरदा के गांव गहाल से 4 लाख की 75 पेटी अवैध शराब जप्त, दो गिरफ्तार, दो फरार

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रसोईघर के अंदर गुप्त कमरे में मिली शराब की पेटियां
अनोखा तीर, हरदा। जिला पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ फिर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 लाख रुपए की कीमत की 660 लीटर अवैध शराब जब्त की है। इससे कुछ दिन पहले पुलिस द्वारा २४ लाख रुपए की अवैध शराब जब्त की गई थी। सिराली थाना पुलिस ने रविवार देर रात गहाल गांव में छापेमारी कर यह कार्रवाई की। गौरलतब है कि जिले के प्रत्येक गांंव में अवैध शराब का धंधा खूब फल-फूल रहा है। गांव की छोटी-छोटी किराना दुकानों, घरों और खेत से अवैध शराब की बिक्री चल रही है। अवैध शराब पर हुई कार्रवाई के मामले मेें सोमवार को पे्रस वार्ता कर पुलिस अधीक्षक अभिनव चौकसे ने जानकारी देतेे हुए बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मौके से शराब माफिया रज्जाक मुसलमान और डिलीवरी मैन शुभम लुनिया को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी शेख असलम और एक अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। सिराली थाना प्रभारी संदीप यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रज्जाक के घर पर दबिश दी, जहां किचन में गैस सिलेंडर के पीछे एक गुप्त कमरे में शराब छिपाई गई थी। पुलिस ने आरोपियों पर आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी ने बताया कि होली त्योहार को देखते हुए अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई में एसआई गोपाल प्रसाद पाल, एएसआई जितेंद्र सिंह राजपूत, कमल किशोर मांझी, संजय शर्मा, भगवानदास यादव, प्रधान आरक्षक तुषार धनगर, जितेन्द्र पंवार, आरक्षाक मनमोहहन यादव, सौरभ मिश्रा, अनूप उईके, रवि तिवारी, शुभम और कल्पना रघुवंशी  शामिल थी।
गांव-गांव धड़ल्ले से बिक रही अवैध शराब
जिले के गांव-गांव तक अवैध शराब का मकड़जाल फैला हुआ है। जिले में ऐसा कोई गांव नहीं बचा है जहां अवैध शराब का धंधा ना होता हो। इन गांवों में किराना दुकानें, घरों और खेतों से शराब की बिक्री धड़ल्ले से दिन-रात बिना किसी भय के जारी है। इन गांवों तक शराब खेप रोजाना आसानी से पहुंचाई जा रही है। इस अवैध शराब का परिवहन दिन-दहाड़े मोटरसाइकल से हो रहा है। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में फसल कटाई का काम चालू है और बड़ी संख्या में हर गांव में मजदूर पहुंचे है, ऐसे में शराब की खपत बढ़ गई है और अवैध शराब का धंधा करने वालों की बल्ले-बल्ले हो गई है। जानकारी अनुसार अवैध शराब की गांव में बिक्री करने वाले अपनी इनकम का कुछ हिस्सा संबंधित थाना क्षेत्र तक पहुंचाते है, जिससे इनको पकड़े जाने का भी डर नहीं रहता है और इनका यह अवैध धंधा दिन-रात चलता रहता है। पुलिस अधीक्षक अभिनव चौकसे को इस ओर भी ध्यान देकर जिले को अवैध शराब बिक्र्री से मुक्त करना चाहिए। गांव-गांव में खुल चुकी यह अवैध शराब की दुकानें नवयुवकों को नशे का आदि बनाकर उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। वही कम उम्र के बच्चे भी इसकी गिरफ्त मेें आ रहे है।

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सचिन गौर

2011 से मार्केटिंग प्रबंधक` के पद कार्यरत है। शिक्षा - बीकॉम, एमकॉम (मैनेजमेंट), पीजीडीएम, एमबीए- निरंतर

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