खराब हुई सोयाबीन फसल के बीमे का लाभ नहीं मिल रहा किसानों को

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समिति और बैंको में बने हुए केसीसी से काटी गई थी बीमे की राशि

अनोखा तीर, मसनगांव। खरीफ सीजन की मुख्य फसल सोयाबीन के खराब होने के बाद क्षेत्र के सैकड़ों किसानों द्वारा बीमा कंपनी को फसल खराब होने सबंधी शिकायत की गई थी। फसल खराब होने पर एसबीआई इंश्योरेंस कंपनी के द्वारा नजरिया आंकलन कराया गया था, जिसकी फोटो अपलोड कर बीमा कंपनी को भेजी गई थी, परंतु पांच माह बाद भी बीमा कंपनी द्वारा किसानों को कोई राशि प्रदान नहीं की गई, जिससे किसानों में आक्रोश बना हुआ है। ग्राम के किसान नितेश पाटिल ने बताया कि बीमा कंपनी के द्वारा एक नंबर दिया गया था तथा एंड्राइड मोबाइल में कंपनी का एक ऐप डाउनलोड कराकर शिकायत बीमा कंपनी को भेजी गई थी, जहां से सर्वेयर द्वारा जाकर आंकलन किया गया तथा खराब हुई फसलों की फोटो अपडेट कर बीमा कंपनी को भेजी गई थी। लेकिन पांच माह बाद भी बीमा कंपनी के द्वारा किसानों को खराब हुई फसलों की क्षतिपूर्ति की राशि नहीं दी गई, जिससे आर्थिक स्थिति खराब बनी हुई है। किसान जितेंद्र पटेल, अनिल भायरे, मनीष भायरे, राकेश पाटिल आदि का कहना है कि लगभग 80 प्रतिशत किसानों के खाते बैंकों में खुले हुए हैं, जिसमे किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण लिया गया है। जिले की अधिकांश बैंको के द्वारा राशि का प्रीमियम बीमा कंपनी को भेजा जा चुका है। परंतु बीमा कंपनी के द्वारा किसानों को अब तक बीमा क्लेम की राशि नही दी गई है। जबकि फसल खराब होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत किसानों को बीमा क्लेम की राशि निश्चित समय में दी जानी चाहिए थी, पर अभी तक नहीं मिली। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति खराब बनी हुई है। वहीं किसान रबी सीजन की फसलों की बुआई के लिए साहूकारों से कर्ज लेकर काम चला रहे हंै। जिससे उन्हें भारी भरकम ब्याज चुकाना पड़ रहा है। जबकि किसानों के द्वारा अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए हर साल हजारों रुपए की राशि देकर बीमा इसलिए कराया जाता है कि समय से बीमा कंपनी उनकी फसल खराब होने पर क्लेम राशि का भुगतान करे, जिससे कि वह अपनी आगामी फसलो की बुआई समय से कर सके।

भाव नहीं मिलने से उठाना पड़ा नुकसान

खरीफ सीजन की फसल सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र में दो से लगाकर चार बोर प्रति एकड़ तक निकला। वहीं मंडी में भाव भी 4000 के आसपास मिला। जिससे फसल की लागत भी नही निकल सकी। ऐसे में कई किसान कर्ज में डूब गए। यदि शासन की और से समय पर बीमा क्लेम की राशि किसानों को दी जाती है तो उन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ समय पर मिल सकता है। इस सबंध में एसबीआई इंश्योरेंस कंपनी के तहसील प्रतिनिधि रामधन शिंदे ने बताया कि अभी गणना होना बाकी है, इसके बाद केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी की राशि प्रदान की जाएगी, जो सीधे किसानों के खाते में आएगी। इसके साथ ही बीमा कंपनी द्वारा किसानों को बीमा क्लेम की राशि का वितरण भी किया जाएगा।

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