मध्यप्रदेश में प्रारंभिक बाल शिक्षा पर विशेषज्ञों ने किये विचार व्यक्त

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मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग की हुई कार्यशाला

भोपाल : मध्यप्रदेश नीति आयोग द्वारा शुक्रवार को पलास रेसीडेन्सी में मध्यप्रदेश के प्रारंभिक बाल शिक्षा एवं बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिये रणनीतियां विषय पर व्यापक नीति संवाद का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में प्रतिष्ठित विशेषज्ञ, शिक्षाविद एवं नीति आयोग के अधिकारियों ने भाग लिया। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी उप सचिव के विकास मिश्रा ने विजन@2047 प्रक्रिया के हिस्से के रूप में बाल शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया।

अतिरिक्त सचिव, पी&आरडी  गोएमपी दिनेश जैनने आंगनवाड़ी केंद्रों (AWCs) में सुधार, पोषक आहार और इंटरएक्टिव शिक्षण विधियों को लागू करने पर जोर दिया।

निदेशक, वाल्मीश्रीमती सरिता बाला ओम प्रजापतिने संगीत और खेलों के माध्यम से नवीन शिक्षण दृष्टिकोणों पर चर्चा की।

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान भोपाल के प्राचार्य प्रो. जयदीप मंडल ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के कौशल को उन्नत करने और स्वायत्त AWCs को प्राथमिक विद्यालयों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

ईसीसीई, एनआईपीसीसीडी के संयुक्त निदेशक डॉ. रीता पटनायक  ने राष्ट्रीय फ्रेमवर्क  नवचेतना (प्रारंभिक प्रेरणा के लिए) और आधारशिला (3–6 आयु वर्ग के लिए पाठ्यक्रम) पर अंतर्दृष्टि साझा की।

 डब्ल्यूसीडी के संयुक्त निदेशक श्रीमती स्वर्णिमा शुक्ला विभागने पोषण भी पढ़ाई भी  और  नवचेतना और आधारशिला को अपनाने की योजनाओं पर प्रकाश डाला। अर्न्स्ट एंड यंग सुश्री अरुणिमा सेन चतुर्वेदी  ने शिक्षा में न्यूरोडायवर्सिटी पर चर्चा की। रॉकेट लर्निंग ने  सुश्री प्रिया खोला नींव कार्यक्रम की सफलता साझा की। बीसीजी के एसोसिएट डायरेक्टर अतुल पोखरियाल ने विजन @2047 के तहत मध्यप्रदेश के ईसीसीई लक्ष्यों के लिए रणनीतिक मार्ग प्रस्तुत किए।

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