बैतूल : कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशानुसार सोमवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रविकांत उइके ने राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत भैंसदेही, आमला, आठनेर मुलताई एवं प्रभात पट्टन के कम्युनिटी हैल्थ ऑफीसर को प्रशिक्षण दिया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रविकांत उइके ने बताया की प्रशिक्षण में प्रत्येक ऋतु अनुसार अलग-अलग मौसमी परिवर्तन देखने को मिलते है, जिससे मानव स्वास्थ्य प्रभावित होता है, साथ ही उन्होंने वर्तमान में जलवायु परिवर्तन से होने वाले स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी एवं बताया की कैसे हमारे छोटे छोटे प्रयासों से हम प्रकृति को होने वाले नुकसानों से बचा सकते है, कैसे हम हेल्थी लाइफस्टाइल अपनाकर अपने स्वास्थ्य में हो रहे बदलावों को नियंत्रित कर सकते है। इस विषय पर सभी प्रतिभागियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता एवं पोस्टर प्रेजेंटेशन का भी आयोजन किया गया जिसके माध्यम से प्रतिभागियों ने अपने अपने अनुभव साझा किए। प्रशिक्षण में एनसीडी संभागीय सलाहकार डब्ल्यूएचओ डॉ रूपाली भारद्वाज द्वारा संचारी एवं अंसचारी रोग एवं संचारी रोग से होने वाली मृत्यु, डायबिटीज रोगियों की एक्टिव एवं पेशिव स्क्रीनिंग एवं 30 से 55 वर्ष के हितग्राहियों की वर्ष में एक बार डायबिटीज जांच करने के लिए बताया। प्रशिक्षण में जिला स्वास्थ्य एवं महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ राजेश परिहार द्वारा शीत लहर का प्रभाव और बचाव के लिए जानकारी दी। डॉ मोहसिन खान महामारी विशेषज्ञ एवं भवनेश देशमुख जिला डाटा मैनेजर के द्वारा प्रेजेंटेशन के माध्यम से जलवायु परिवर्तन की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में उप जिला विस्तार एवं माध्यम अधिकारी महेशराम गुबरेले, सीएचओ, एनएमए शेखर हारोडे उपस्थित रहे।
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