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Sunday, 1 November 2026
हरदा

दो राज्यों के किसानों की तकदीर बदलेगी पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना

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– प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में जयपुर में हुआ त्रिस्तरीय अनुबंध

– किसान यूरिया से बचें और ऑर्गेनिक खेती की ओर रुख करें : विजयवर्गीय

अनोखा तीर, देवास। मप्र और राजस्थान को समृद्ध और किसानों को खुशहाल बनाने वाली पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए त्रिस्तरीय अनुबंध प्रधानमंत्री श्री मोदी की मौजूदगी में जयपुर में हुआ। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान के स्वप्न को साकार करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच समझौता कराते हुए पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना को मूर्त रूप दिया। यह परियोजना मध्यप्रदेश के देवास, गुना, शिवपुरी, सीहोर, राजगढ़, उज्जैन, आगर-मालवा, इंदौर, शाजापुर, मंदसौर एवं मुरैना के किसानों को सिंचाई के लिये भरपूर पानी और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। इससे किसानों के जीवन में खुशहाली आने के साथ उनकी फसलें भी लहलहा उठेंगी। देवास जिले में जिला स्तरीय किसान सम्मेलन टोंकखुर्द में मण्डी मंडी प्रांगण में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इतनी बड़ी योजना की सौगात दी गई है। सोनकच्छ विधानसभा का एक खेत भी ऐसा नहीं रहेगा जहां पर पानी नहीं पहुंचेगा।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना अंतर्गत रणजीत सागर कॉम्पलेक्स सिंचाई परियोजना से किसानों के खेत में पानी पहुंचेगा तो किसान चार-चार फसल ले पाएंगे। उन्होंने कहा कि किसान भाई यूरिया से बचे और ऑर्गेनिक खेती की ओर रुख करें। आज यूरिया के उपयोग से गांव-गांव तक शुगर और कैंसर पहुंच गया है। बच्चों के भविष्य के लिए यूरिया को छोड़ना होगा। ऑर्गेनिक खेती के उत्पादों को यूरिया से ज्यादा मूल्य मिलेगा। देवास जिले को इतनी बड़ी योजना की सौगात दी गई है। जिले में विकास के कार्य में कभी रुकावट नहीं आएगी।

सोनकच्छ विधायक डॉ. राजेश सोनकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज सोनकच्छ विधानसभा में किसानों के जीवन का सपना पूरा करने का कार्य किया गया है। इस पल का हम बरसों से इंतजार कर रहे थे। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना अंतर्गत रणजीत सागर कॉम्पलेक्स सिंचाई परियोजना से विधानसभा क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर खुशियां आ गई है। किसानों को डर था कि उनका क्या होगा, 66 गांवों को डूबने का डर था। संशोधित परियोजना में एक भी गांव नहीं डूबेगा। प्रदेश सरकार घर को आबाद करने वाली सरकार है। परियोजना के तहत चार बेराज बनाए जाएंगे, जिससे एक भी गांव नहीं डूबेगा।

36 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र में हो सकेगी सिंचाई

पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना अंतर्गत रणजीत सागर कॉम्पलेक्स सिंचाई परियोजना अनुमानित लागत 02 हजार 182 करोड़ है। रणजीत सागर कॉम्पलेक्स सिंचाई परियोजना से 36 हजार 500 हेक्टेयर में सिंचाई हो सकेगी। इससे 74 ग्राम लाभान्वित होंगे, जिसमें देवास जिले के 68 गांव और उज्जैन जिले के 06 गांव शामिल हैं। इस परियेाजना से मुख्य रूप से देवास जिले में सिंचाई, पेयजल, मत्स्य पालन एवं औद्योगिक प्रयोजन के लिए पानी की आपूर्ति की जाएगी। राज्य शासन की यह एक बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया, राजीव खंडेलवाल, राजेश यादव, राय सिंह सेंधव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत, जयपाल सिंह चावड़ा, महेंद्र सिंह चावड़ा, सुमेर सिंह दरबार, बहादुर मुकाती, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर ऋषव गुप्ता, पुलिस अधीक्षक पुनित गेहलोद, सीईओ जिपं हिमांशु प्रजापति, एएसपी जयवीर सिंह भदौरिया, एसडीएम कन्हैयालाल तिलवारी, नगर परिषद के अध्यक्ष-उपाध्यक्षगण, पार्षदगण, अन्य जनप्रतिनिधिगण, जल संसाधन विभाग के अधिकारी सहित बड़ी संख्या में नगरवासी, क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

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