खण्डवा:- मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.के. सेठिया ने बताया कि परिवार नियोजन में पुरूष भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मगंलवार को विकासखण्ड खण्डवा के उपस्वास्थ्य केन्द्र भकराड़ा, कालमुखी, रोहणी, बड़गांवगुर्जर व पंधाना के जिरवन में पुरूष सहभागिता सम्मेलन किया गया। सम्मेलन में पूर्व में पुरुष नसबंदी करा चुके पुरुषों ने अपने विचार व्यक्त कर दंपत्तियों को प्रेरित किया। सम्मेलन में सी.एच.ओ. व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने छोटे परिवार के महत्व के संबंध मे बताते हुुए परिवार कल्याण के स्थायी व अस्थायी साधनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लड़का-लड़की एक समान है, क्योंकि लड़कियां भी पढ़ लिखकर उच्च संस्था में कार्य कर रही हैं और अपने परिवार व माता-पिता का नाम रौशन कर रही है। इसलिए बालिकाओं को उच्च शिक्षा देना आवश्यक है। महिला नसंबदी की अपेक्षा पुरुष नसबंदी कम जौखिम भरा व आसान हैं।
मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सेठिया ने कहा कि पुरूष नसबंदी एक बहुत ही आसान व सरल पद्धति है। जिसमें नसबंदी करने में मात्र 5 से 10 मिनिट का समय लगता है और पुरूष को भर्ती होने की भी आवश्यकता नहीं है और नसबंदी के बाद पुरूष अपने घर जा सकते है। इसमें किसी प्रकार की कोई कमजोरी नहीं होती है। महिला नसबंदी की अपेक्षा पुरूष नसबंदी बहुत ही आसान है। पुरूष नसबंदी कराने पर 3 हजार रू. और प्रेरक को 400 रू. दिये जाते है। इस दौरान सुपरवाइजर, ए.एन.एम व सी.एच.ओ. मौजूद थे।
उपस्वास्थ्य केन्द्रों में पुरुष सहभागिता सम्मेलन कर दी जानकारी

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