अनोखा तीर, हरदा। ग्रामीण क्षेत्र के तहत आने के कारण कॉलोनियों में अपेक्षाकृत विकास नहीं हुआ। लोग सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। शहर सीमा में शामिल होने के बाद क्षेत्र में दो वार्ड बने। वार्ड 32 में उसी मतदान केंद्र की कॉलोनियां शामिल हैं, जिस पर भाजपा को सबसे अधिक बढ़त मिली। सांई मंदिर के ठीक सामने से पैरासिटी कॉलोनी, होलीफैथ स्कूल की तरफ जाने वाला रास्ता सालों बाद भी नहीं बन सका। यहां सड़क पर इतने गड्ढे हैं कि वाहन हिचकोले खाते हैं। बारिश हो जाए तो पैदल निकलना दूभर कर देता है। सड़क किनारे सालों से बनी तवा कमांड की नहर अब नाले का रूप ले चुकी है। इस पर अतिक्रमण कर दुकानें खोल दी गई। खाली प्लाटों में भरा गंदा पानी दुर्गंध छोड़ रहा है। लंबे समय से जमा पानी में मच्छर पनप रहे हैं, जो लोगों को बीमार बना रहे हैं। होलीफैथ स्कूल के पास का नाला सालों से स्थानीय निवासियों की परेशानी का सबब बना हुआ है। इससे उपजती समस्या से निजात के लिए लोगों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार की, लेकिन कार्रवाई के नाम पर हर मर्तबा रस्म अदायगी होते रही। पेयजल को लेकर भी ठोस प्रबंध नहीं हो सके। गर्मी आते ही ट्यूबवेल सूखने लगते हैं और लोग टैंकरों के भरोसे रहते हैं। यहां के मतदाताओं का कहना है कि प्लाट खरीदने के दौरान कॉलोनाइजर्स ने लंबे-चौड़े वादे किए। इस संबंध में मुख्य नगरपालिका अधिकारी कमलेश पाटीदार ने बताया कि गर्मी में लोगों को टैंकर से पेयजल सप्लाई की गई। कॉलोनियों को वैध करने की कार्रवाई भी प्रक्रियाधीन है। इसके बाद यहां के विकास को गति मिलेगी।
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