अनोखा तीर, मसनगांव। मौसम ने एक बार फिर करवट लेकर बारिश का माहौल बना दिया है। बुधवार सुबह से मौसम साफ था, दोपहर 12 बजे से आसमान पर बदल छा जाने के बाद हल्की बूंदाबांदी हुई, जो लगभग आधे घंटे तक होती रही, जिससे खेतों में चल रहा फसल कटाई का काम बंद हो गया। दो दिनों से हल्के बादलों के कारण मौसम खराब बना हुआ था। बादल को देखकर किसान अपनी फसलो की कटाई जल्दी करा रहे थे, लेकिन बूंदाबांदी होने से कटाई का काम बंद करना पड़ा था। ग्राम के किसान गणेश मुकाती ने बताया कि खेत में फसल कट रही थी लेकिन बारिश होने से पौधा नरम हो गया, जिसे काटने में दिक्कत आ रही थी। वहीं फली में दाना छूट रहा था जिस वजह से कटाई का काम बंद कर दिया गया। मौसम साफ होने के बाद वापस कटाई शुरू होगी। इस बीच जिन किसानों के खेतों से फसल काटकर खलियानों में आ चुकी थी उन्हें अपनी उपज को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल से ढांकना पड़ा।उपज में नमी होने से दाना खराब होने की संभावनाखेतों से कटकर खलियानों में आ रही सोयाबीन के दानो में नमी होने से खराब होने के आशंका बनी हुई है। किसानों ने बताया कि हार्वेस्टर से कटाई के बाद सोयाबीन की उपज को ग्रेड से साफ सफाई कर दो धूप सुखना पड़ती है। इसके बाद दाना सूख जाता है लेकिन बूंदाबांदी के कारण उपज को तिरपाल से ढाकना पड़ा। कुछ किसानों ने अपने गोदाम में उपज के ढेर लगाए। नमी की वजह से जहां दाना खराब होगा वहीं उपज हल्की हो जाएगी। जिसका भाव भी कम मिलेगा। ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

अब बारिश बनी आफत
खरीफ सीजन की मुख्य फसल सोयाबीन का उत्पादन इस वर्ष कम निकल रहा है। कई खेतों में सोयाबीन की फसल आड़ी होकर खेतों में बिछ गई थी। जिसमें मुश्किल से एक से दो बोरा प्रति एकड़ उत्पादन निकल रहा है। कटाई के दौरान उपर से बारिश के कारण और भी नुकसान कि आशंका बन गई है, छिदगांव तमोली के किसान दिनेश राठौर ने बताया कि सोयाबीन की फसल पककर तैयार खड़ी हुई है, दो-चार दिन मौसम साफ रहता है तो अधिकांश खेतों की कटाई पूरी हो जाएगी। यदि बारिश होती है तो खेतों में नमी की वजह से कटाई में दिक्कत आ सकती है। किसान वर्ग मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे है। फसल निकालने के बाद सुखाने की आवश्यकता होती है, जिसके लिए धूप की सख्त जरूरत है। यदि धूप नहीं निकलती है तो फसल के खराब होने की आशंका बढ़ जाती है।आगामी सीजन में बोने के बीज तैयार करने में आ रही परेशानीकुछ किसानों के द्वारा फसल कटाई के दौरान आगामी सीजन में बोने के लिए बीज भी तैयार किया जा रहा है। जिसमें फसल को सुखाकर बोरे में भरकर रखा जाता है। किसान सुनील वामने ने बताया कि उनके द्वारा खेतों में 2172 प्रजाति की सोयाबीन लगाई थी, जिसका बीज तैयार करने के लिए उपज को सुखाया जा रहा था, लेकिन अचानक बारिश होने से बाहर फैली हुई उपज को भरकर अंदर रखना पड़ा। यदि दो-चार दिन में मौसम साफ होता है तो वापस सुखाकर बीज बनाने की प्रक्रिया की जाएगी। जो अगले वर्ष बिजाई के काम आएगा। इस प्रकार क्षेत्र के कई किसान है जो अपने खुद की बिजाई तैयार करने के लिए फसलों को सुखाकर व्यवस्थित तरीके से कट्टियों में भरकर सुरक्षित रखते है, इनको भी बारिश के कारण परेशानी आ रही है।
Views Today: 4
Total Views: 328

