-१० हजार किसान अभी तक समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने से वंचित
अनोखा तीर, हरदा। जिले में मूंग खरीदी के प्रारंभ से ही किसानों को खासी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिले के ३४ हजार ८८५ किसानों ने ग्रीष्मकालीन मूंग बेचने के लिए पंजीयन करया था। मंूग खरीदी १२ जून से प्रारंभ होना थी लेकिन सतपुड़ा भवन में आग लगने से एनआईसी का ऑफिस भी प्रभावित हुआ। इसके बाद २८ जून से खरीदी शुरू हुई। व्यवस्था नहीं होने के चलते पहले दिन १० से १२ केन्द्रो पर ही खरीदी शुरू हो सकी जबकि कृषि विभाग द्वारा ३० केन्द्रों पर खरीदी शुरू होने का दवा किया गया। पहले कम मात्रा में मूंग की खरीदी की जा रही थी। किसानों की मांग थी की पूर्व की तरह प्रति हेक्टयर१६ क्विटंल मूंग खरीदी जाए। जिसके लिए किसान संगठनों द्वारा धरना दिया गया। ११ जुलाई को प्रदेश सरकार के परिवहन एवं स्कूल शिक्ष मंत्री राव उदय प्रताप सिंह द्वारा किसान संघ के धरना स्थल पर पहुंचकर १२ क्विटंल मंूग खरीदी की घोषणा की गई। इसके पश्चात करीब पांच दिनों तक सरवर बंद होने से किसान कभी सोसायटी तो कभी कृषि विभाग में अपने स्लॉट बुकिंग और बिल नहीं बनने की शिकायत लेकर परेशान होते रहे। किसानों के अनुसार एक माह देरी से खरीदी शुरू हुई। १७ जुलाई तक ११८१६ स्लॉट बुक हुए। नफेड से १७ जुलाई जारी पत्र के अनुसार लक्ष्य पूरा होने पर खरीदी बंद करने के आदेश आए। लगभग १० हजार किसान मंूग बेचने से वंचित रह गए। कई किसान जो मूंग तुलवा चुके थे उनके बिल नहीं बन पाए। शनिवार को ऐसे किसानों के स्लॉट बढ़ाए गए। जिन सोसायटीयों में किसान ने मूूूंग तुलवाई लेकिन बिल नहीं बन पाए एसी सोसायटी द्वारा लिखित में एसडीएम और डीडीओ आफिस को अवगत करया गया। जिन्हें वेरिफाई करके जिला कलेक्टर भेजा गया। वहां से वापस जिनके नाम आए है उनके स्लॉट बढ़ाए गए है। सर्मथन मूल्य पर मंूग बेचने से वंचित रहे किसानों के लिए शनिवार तक कोई आदेश नहीं आया। किसान संघ को उम्मीद है कि जो किसान बचे है उनके लिए तारीख बढ़ने के आदेश जल्द ही आ जाएंगे।