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Saturday, 10 October 2026
हरदा

जनता पर पड़ रही महंगाई की मार

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लोकेश जाट, हरदा। नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस के अनुसार जून माह में खुदरा महंगाई दर चार महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। दरअसल पिछले महीने खाद्य पदार्थ के दाम बढ़ जाने से महंगाई दर में तेजी आई है। खुदरा महंगाई दर एक बार फिर जून के महीने में ५ फीसदी को पार कर गई। नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस की रिपोर्ट के अनुसार जून माह में खुदरा महंगाई दर ५.०८ फीसदी  रही है जो कि पिछले चार महीने में सबसे ज्यादा है। मंहगाई का सीधा असर जनता की जेब पर पड़ा है। दाल, चावल से लेकर सब्जीयों तक सब महंगा हो गया है। लोगों का कहना है कि इस समय महंगाई आसमान छू रही है। जिसके चलते आम नागरिकों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। महंगाई ने लोगो का बजट बिगाड़ दिया है। हरी सब्जी के दामों में भी उछाल देखने को मिल रहा है। गिल्की ६० रुपए प्रति किलो, भिंडी ४० रुपए प्रति किलो तक बिक रही है, वही हरी मिर्च ८० से १०० रुपए किलो तक बिक रही है। तुअर दाल १६७ रुपए किलो और चावल ५५ रुपए किलो तक बाजार में बेचा जा रहा है। शहर में प्याज ४० रुपए किलो, आलू ४० रुपए किलो तक बेचा जा रहा है।
महगांई से टमाटर ने भी बदला रंग
वर्तमान में टमाटर के भाव आसमान छू रहे हंै। बढ़ती महंगाई से टमाटर ने मानो अपना रंग बदल लिया है। बाजर की सब्जी मंडियों में टमाटर १०० से १२० रुपए तक बिक रहा है। टमाटर महंगा होने के कारण लोगों की भोजन थाली से टमाटर गायब हो गया है। खरीददारों का कहना है कि सभी सब्जियां महंगी हुई है। जिसमें टमाटर का भाव सबसे ज्यादा है। ऐसे में आम लोगों का टमाटर खरीदना बजट से बाहर हो गया है।


बढ़ती महंगाई में आम भी हुआ खास
महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए मौसमी आम खरीदने के लिए भी विचार करना पड़ता है। जानकारों के अनुसार पिछले आठ दिनों में आम के भाव में २० रुपए प्रति किलो तक का उछाल आया है। वर्तमान में फल विक्रेताओं के पास आम १०० से १७० रुपए तक बिक रहा है। जिसके चलते जनता बीच आम भी खास बना हुआ है। लोग आम के भाव दुकानदार से पूछ कर आगे चल देते है। जो एक किलो आम लेने आता है वह भाव सुनकर २५० ग्राम आम लेकर ही अपनी संतुष्टी करने को मजबूर हो जाता है। जानकारों के अनुसार सब्जी सहित अन्य सामग्री के भाव आने वाले समय में और बढ़ सकते हैं।

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