अनोखा तीर इंदौर:-डिजिटल अरेस्ट करके साइबर ठगी के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। अब शहर में साइबर अपराधियों ने एक चिकित्सक को डिजिटल हाउस अरेस्ट करके तीन लाख रुपये ठग लिए। शातिर अपराधियों ने कोरियर कंपनी के कर्मचारी बनकर चिकित्सक को बातों में उलझाया फिर ड्रग्स, मानव व अंग तस्करी में फंसाने की धमकी दी। रुपये मिलने तक आरोपितों ने चिकित्सक को 24 घंटे से ज्यादा डिजिटल हाउस अरेस्ट रखा। उठते-बैठते और सोते समय भी वीडियो काॅल पर रखा गया।
कोरियर कंपनी से आया था कॉल
अपराध शाखा के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक, चिकित्सक के पास रविवार को कोरियर कंपनी से काॅल आया था। इसमें कहा था कि मुंबई से थाईलैंड जाने वाला पार्सल किन्हीं कारणों से रिटर्न हुआ है। इन्कार करने पर चिकित्सक से कहा कि पार्सल में पासपोर्ट और ड्रग्स हैं। काॅल ऑटो रिकार्डेड थी। चिकित्सक ने विकल्प चुना और कथित कंपनी के ग्राहक सेवा सर्विस अधिकारी से बात की।
उसने बताया कि मामला गंभीर है और इसकी साइबर सेल से जांच करवानी होगी। आरोपित ने मुंबई आने की सलाह दी और यह भी कहा कि वह स्वयं काॅल ट्रांसफर कर साइबर अधिकारी से बात करवा सकता है।
बातों में आ गए चिकित्सक
तस्करी में फंसने के डर से चिकित्सक उसकी बातों में आ गए और फर्जी साइबर अधिकारी से बात करने लगे। कथित अधिकारी ने भी अवैध गतिविधियों में लिप्त होने पर फंसाने की धमकी देते हुए कहा कि यह केस तो सीबीआइ को ट्रांसफर करना होगा।
हर समय रखी नजर
चिकित्सक सीबीआइ के समक्ष कथन दर्ज करवाने के लिए राजी हो गए। फर्जी अफसर ने स्काइप (एप) पर वीडियो काॅल पर ले लिया। उठते-बैठते और सोते समय भी उन्हें देखते रहे। बातचीत सुनने के लिए माइक भी ऑन रखा।
फर्जी अधिकारी बोला-खाते का दुरुपयोग हुआ
फर्जी सीबीआइ अधिकारी ने कहा कि चिकित्सक के खाते का दुरुपयोग हुआ है। इसकी जांच के लिए सर्विलांस अकाउंट में रुपये जमा करवाने होंगे। चिकित्सक को बैंक भेजकर ठग ने अपने खाते में तीन लाख रुपये जमा करवा लिए।
रिकार्डेड वीडियो बताया
घर आने पर उन्हें शक हुआ और ठग से आईडी मांगी तो उसने रिकार्डेड वीडियो बताकर कहा कि वह असली सीबीआई अफसर है। दूसरे दिन चिकित्सक के पिता ने चर्चा की तो तुरंत समझ गए कि बेटे के साथ ठगी हो गई है।
एक दंपती भी हुआ है शिकार
बुधवार को पिता-पुत्र अपराध शाखा पहुंचे और पूरी घटना बताई। एडिशनल डीसीपी के मुताबिक, डिजिटल अरेस्टिंग में इससे पूर्व भी एक चिकित्सक दंपती साढ़े आठ लाख रुपये की ठगी का शिकार हो चुका है।