अनोखा तीर, हरदा। चढ़ते पारे के बीच दिन रात की कटौती और गहराते बिजली संकट ने लोगों के दिन का चैन और रात की नींद उड़ा दी है। तकनीकी खराबी, बिजलीघरों की क्षमता से अधिक भार होने के कारण बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। बिजली की लगातार आवाजाही बनी हुई है। कई स्थानों पर मरम्मत कार्य के चलते कटौती रहती है। दिन के बाद शनिवार रात को कई इलाकों में बिजली की आवाजाही बनी रही। बिजली संकट ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। रात में लोग चेन से नींद नहीं ले पा रहे हैं तो दिन में पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। बीती रात को भी शहर के उपकेंद्रों से निकलने वाले फीडरों पर अधिक भार और तकनीकी खराबी की समस्या बनी रही। शहर के गुर्जर बोर्डिंग, चौबे कॉलोनी, बस स्टैंड, गोलापुरा सहित अन्य इलाकों में देर रात तक बिजली आवाजाही लगी रही। कहीं एक तो कहीं दो से अधिक घंटे तक बिजली गुल रही। यह समस्या रविवार को भी दिन भर बनी रही। जिसके चलते सुबह से ही शहर के कई इलाकों में बिजली गुल रही। लगातार बिजली गुल रहने से इन्वर्टर चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। लोग चैन की नींद भी नहीं ले पा रहे हैं।
गड़बड़ा रही दिनचर्या
नींद पूरी नहीं होने के कारण लोगों की दिनचर्या गड़बड़ा रही है। साथ ही चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। व्यक्ति को कम से कम छह घंटे की नींद लेनी चाहिए। अगर व्यक्ति रात में नींद नहीं ले पाता है तो अगले दिन में आदमी को थकान महसूस होती है। साथ ही शरीर में अलास बना रहता है। इसलिए जरुरी है कि रात में आदमी को सोना चाहिए।
गांवों में बुझ गई अटल ज्योति
भीषण गर्मी में सबसे अधिक परेशानियों का सामना ग्रामीणों को करना पड़ रहा है। न तो उचित वोल्टेज में विद्युत प्रदाय किया जा रहा है और न ही २४ घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से अटल ज्योति योजना प्रारंभ की थी, जिसमें खेतों में पानी उपलब्ध कराने के लिए अलग विद्युत व्यवस्था एवं ग्रामीण रहवासियों को २४ घंटे विद्युत व्यवस्था के लिए अटल ज्योति विद्युत योजना शुरु की थी। लेकिन विद्युत विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने थोड़े से लालच में आकर कई किसानों को अवैध एवं वैध तरीके से अटल ज्योति योजना के तहत थ्री फेस कनेक्शन बांट दिए। जिसके कारण वर्तमान में मूंग की फसल में पानी देने के लिए किसान अटल ज्योति योजना के तहत बिछाई गई लाइन में पंप लाईन के कनेक्शन टांग रहे हैं। जिसके तहत ग्रामीणों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।





