अनोखा तीर, भौरासा। स्थानीय थाना अंतर्गत पुलिस प्रशासन पिछले तीन महीनों से लुटेरी दुल्हन की खोजबीन की जा रहा था। जो कि एकता नगर नीलगंगा थाना उज्जैन से अपने दोस्त के घर पर आराम कर रही थी। उसे तो ज्ञात भी नहीं होगा कि आज रात से उसे थाने में रात बितानी होगी। गत रात मुखबिर की सूचना पर भौरासा पुलिस ने दी दस्तक किया और गिरफ्तार कर थाना भौरासा लेकर आए। जहां पूछताछ कर आगे की कार्यवाही की गई। जानकारी के अनुसार नगर के थाना अंतर्गत ग्राम खोनपिरपिपल्य के फरियादी रवि पिता कल्याणसिन्ह बड़वाया उम्र 25 वर्ष ने भौरासा थाना में आकर रिपोर्ट दर्ज करवाई कि राधिका पिता सुनील यादव निवासी उज्जैन और उसके अन्य साथियों ने मेरे साथ शादी का नाटक कर 2 लाख रुपए की धोखाधड़ी की। जिस पर थाना भौरासा ने अपराध क्रं 30/24 धारा 420,34 के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना में लिया गया। राधिका के साथ देने वाले अन्य आरोपी महेश पिता भगवान यादव, राजेश उर्फ राजू पिता प्रेमलाल सुनहरे, धर्मसिंह उर्फ मोहन सिंह पिता गोकुलसिंह जादौन, अखलेश पिता बद्रीलाल यादव को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। चूंकी मुख्य आरोपी राधिका लुटेरी दुल्हन जो 3 महीने से फरार चल रही थी। जिसकी सूचना के लिए जिला पुलिस अधीक्षक देवास ने 2000 रुपए नगद इनाम की घोषणा की थी। मुख्य आरोपी राधिका यादव पर अन्य जिलों में भी इसी प्रकार शादी कर साथियों के साथ लूटने की घटना को अंजाम देने के मुकदमा दर्ज हुए हैं। आज जहां कुंवारे लड़के शादी के लिए सहरा बांधने का सपना देखते है। वहीं इस प्रकार के अपराधी इनके अरमानों से खिलवाड़ कर शादी के नाम से उनका फायदा उठाकर कर पैसे लूटने के लिए एक और तरकीब निकाल लाए हैं। आज के समय में किस पर भरोसा किया जाए या नहीं किया जाए ये बताना बहुत मुश्किल हो गया है। रवि को भी या पता नहीं था कि जिसके साथ वो सात फेरे लेकर उसे घर लाया है वो शादी के 6 दिन बाद ही उसको चुना लगा कर भाग जाएगी। राधिका कुवारों से शादी कर उनसे रुपए ऐंठ लेती थी और पुलिस में जाने की धमकी देती थी। जिससे लोग बदनामी के डर से पुलिस में उसके नाम की रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाते थे और उसका शिकार बन जाते थे। जिससे उसके और साथियों के हौसले और बुलंद हो गए थे। आज लुटेरी दुल्हन के नाम से मशहूर हुई राधिका यादव सबकी चर्चाओं बनी हुई है। उक्त घटना में आज मुखबिर की सूचना मिलने पर जिला अधीक्षक के निर्देशन में एएसपी देवास एवं एसडीओपी सोनकच्छ के मार्गदर्शन में नगर थाना प्रभारी संजय मिश्रा के निर्देश पर टीम गठित कर मुखबिर की सूचना अनुसार उक्त स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी की गई। जिससे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उक्त गठित टीम में थाना प्रभारी संजय मिश्रा के साथ उप निरीक्षक अख्तर पठान, प्रधान आरक्षक राजेंद्र शर्मा, भगवतीप्रसाद, अनिता नागर, भूपेंद्र सिंह, सायबर सेल देवास शिवप्रताप सिंह, सचिन की सरहनीय भूमिका रही।
इनका कहना है…
जनवरी में रवि नाम के व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि राधिका यादव और उसके साथियों ने शादी कर मुझसे रुपए ऐंठ लिए हैं। फरियादी की सूचना पर मामला दर्ज किया गया। पूर्व में राधिका के साथी गिरफ्तार हो गए थे। मुख्य आरोपी राधिका जब से ही फरार चल रही थी। राधिका शादी कर रुपए ऐंठने का काम करती थी और पुलिस की धमकी देती थी। जिससे लोग बदनामी के डर से सामने नहीं आते थे। अब ये पकड़ी जा चुकी है। सभी से अनुरोध है कि सामने आकर रिपोर्ट दर्ज करवाएं।
– संजय मिश्रा, थाना प्रभारी भौरासा।
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