बिछ गई बर्फ की चादर, आदिवासी अंचल भीमपुर में शिमला जैसा नजारा

अनोखा तीर, बैतूल। जिले में पिछले दो दिनों से आसमान में बादल छाए हुए हैं। जिसके चलते कहीं तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी भी हो रही है तो कही आसमान में बिजली चमक रही है। लेकिन मंगलवार को जिले के आदिवासी अंचल भीमपुर क्षेत्र के कुछ ग्रामीण अंचल में कुदरत का कहर इस कदर रहा की देखते-देखते शिमला जैसे माहौल निर्मित हो गया। यानी ओले इस कदर बरसे हैं कि जमीन में सिर्फ बर्फ ही बर्फ नजर आने लगे हैं। जानकारी मिली है कि सोमवार को मौसम का मिजाज रंभा मेले में ही बदला बदला सा नजर आ रहा था। दूसरे दिन मगंलवार को पोपटी मेले में जमकर बारिश और ओले गिरे। व्यापारी गण और मेला दर्शन करने आए लोग इधर उधर ओलों से बचने भागते नजर आए। किसी की पाल उड़ गई तो किसी का पूरा सामान तहस-नहस हो गया। एक व्यापारी का कहना है कि बहुत नुकसान हो गया है। व्यापारी ने बताया कि मेेले में दुकान लगाए व्यापारी कुछ समझ पाते कि अचानक आसमान से पानी के साथ ओले बरसने लगे। इसकी स्थिति में व्यापारी गण ने जैसे तैसे अपने सामान बटोरा। वैसे सोमवार को दोपहर बाद ही मौसम का मिजाज बदल गाया था। क्षेत्र के पत्रकार नितिन गौतम ने बताया कि विकासखंड भीमपुर क्षेत्र के ग्रामों में तेज वर्षा और ओलों की बारिश हुई। रंभा से सटे पोपटी कुनखेड़ी में तेज हवा के साथ वर्षा हुई और चने के आकार के ओले भी गिरे। वर्षा होने के कारण व्यापारियों को खासा नुकसान हुआ है। जनता के साथ-साथ व्यापारियों को भी बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं व्यापारियों ने बताया कि लाखों रुपए का नुकसान हो गया है। व्यापारी की लगी दुकान के पाल परदे आंधी तूफान ने सब उड़ा ले गए। मंगलवार को सुबह से आसमान पर काले बादलों की आवाजाही शुरू हो गई थी। दोपहर बाद करीब तीन बजे अचानक गरज-चमक के साथ तेज वर्षा शुरू हो गई। वर्षा के साथ बेर के आकार के ओले भी गिरना शुरू हो गए। करीब 40 मिनट तक क्षेत्र में ओले बरसते रहे। इस समय क्षेत्र में मेघनाथ मेले में जोरों पर चल रहा है। व्यापारी अपनी दुकान को सजाने में जोरो से लगे हुए थे। जनता भी धीरे-धीरे इकठ्ठा हो रही थी। अचानक हुई वर्षा के कारण मेले के दर्शक और व्यापारी ने बेहद परेशानियों का सामना किया।

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