इंदौर जिले में बनाए गए प्रदेश के आधे से अधिक सहायक मतदान केंद्र

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अनोखा तीर इंदौर:-मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के लिए चार चरणों में मतदान होना है। अप्रैल-मई की भीषण गर्मी के दौरान मतदान प्रतिशत बढ़ाना चुनाव आयोग के लिए चुनौती है। इस वजह से 1500 से अधिक मतदाता संख्या वाले मतदान केंद्रों पर सहायक मतदान केंद्र बनाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में 356 मतदान केंद्र बनाए जाने हैं। इसमें आधे से अधिक 191 मतदान केंद्र इंदौर जिले में बनाए जाएंगे। जिले में अब 2679 मतदान केंद्रों पर 27 लाख 95 हजार 751 मतदाता मतदान करेंगे। इसमें 14 लाख 11 हजार 166 पुरुष और 13 लाख 84 हजार 483 महिला मतदाता हैं। 102 थर्ड जेंडर मतदाता हैं।

इंदौर जिले में 2486 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इसमें कई केंद्र ऐसे थे, जहां पर मतदाताओं की संख्या 1500 से अधिक थी। मई की भीषण गर्मी में इंदौर जिले में होने वाले मतदान को देखते हुए अधिक संख्या वाले मतदान केंद्रों पर सहायक मतदान केंद्र बनाने का प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेजा गया था। आयोग ने इंदौर जिले में 191 सहायक मतदान केंद्र बनाने की अनुमति जारी की है।

गौरतलब है कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भी जिले में 79 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए थे। इसके बावजूद विधानसभा चुनाव में अधिकांश पोलिंग बूथों पर लंबी कतारे लगी रही। कई लोगों को बिना मतदान के ही लौटना पड़ा था। दोनों पार्टियों के अभ्यर्थियों ने धीमे मतदान को लेकर शिकायत की थी। वहीं जिला प्रशासन से भी एक प्रस्ताव बनाकर सहायक मतदान केंद्र बढ़ाने और एक केंद्र पर मतदाताओं की संख्या एक हजार रखने का प्रस्ताव आयोग को भेजा था।
राऊ में सर्वाधिक 53 सहायक मतदान केंद्र
इंदौर जिले की सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों के लिए सहायक मतदान केंद्र बनाने की अनुमति भारत निर्वाचन आयोग ने दी है। प्रदेश में सर्वाधिक सहायक मतदान केंद्र विधानसभा क्षेत्र राऊ में 53 बनाए जाएंगे। वहीं विधानसभा क्षेत्र इंदौर-पांच में 50 सहायक मतदान केंद्र बनेंगे। महू में 20, सांवेर में 19, इंदौर-दो में 18, इंदौर एक में 18, देपालपुर में आठ, इंदौर चार में चार सहायक मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। वहीं इंदौर-तीन में सबसे कम एक मतदान केंद्र बनेगा।
25 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक केंद्र बढ़ेगा
प्रदेश में कुल 356 सहायक मतदान केंद्र बनाए जाना है। इसमें से 25 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पर एक-एक सहायक मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। वहीं नौ विधानसभा क्षेत्रों में दो-दो सहायक मतदान केंद्र बनेंगे। तीन विधानसभा क्षेत्रों में तीन-तीन और चार विधानसभा क्षेत्रों में चार-चार सहायक मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। विधानसभा क्षेत्र जबलपुर पूर्व में सात, नरेला व देपालपुर में आठ-आठ, उज्जैन दक्षिण व उज्जैन उत्तर में नौ-नौ, हुजूर में 29 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
प्रत्येक मतदान केंद्र पर पेयजल की सुविधा
जिले के सभी मतदान केंद्रों में पानी की उपलब्धता की जाएगी। छांव और बैठने की व्यवस्था की जाएगी। दिव्यांगों के लिए व्हील-चेयर की व्यवस्था भी रहेगी। सभी केंद्रों पर बिजली की व्यवस्था के साथ पंखे और कूलर की व्यवस्था रहेगी। ग्रामीण क्षेत्रों के मतदान केंद्रों तक के पहुंच मार्ग की मरम्मत के लिए भी कहा गया है। निर्वाचन के दौरान पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति के लिए स्टाक लिमिट तय की गई है।

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