अनोखा तीर, सिराली। बुधवार की दोपहर हरदा से सिराली आ रही जंभशक्ति बस सर्विस की छोटी बस कमताड़ा और रोलगांव के बीच सांई वाटिका के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। बस पलटने के बाद यात्रियों में चीख पुकार मच गई। इस घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे आसपास के ग्रामीणों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और अधिकारियों को सूचना दी। बताया जाता है कि यात्रियों से भरी बस ग्राम कमताड़ा की सांई वाटिका के आगे चढ़ाव पर आने के बाद अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे उसमें सवार बैठे और खड़े हुए यात्री बुरी तरह घायल हो गए, इनमें 8 यात्रियों को चोटे आई है। घायलों को एंबुलेंस की सहायता से जिला चिकित्सालय ले जाया गया। यह यात्री बस हरदा से सिराली होते हुए पिपलिया, खूदिया गांव को जाती है। बस पलटने के बाद बस चालक दुर्घटना स्थल से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी अमित भावसार ने पुलिस दल के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। मामले में पुलिस ने बस चालक के खिलाफ धारा 279, 337 का प्रकरण दर्ज किया है।
कंडम बसों पर नहीं होती कार्यवाही
सिराली-हरदा और खिरकिया मार्ग पर खटारा और कंडम हो चुकी बसों को लेकर पुलिस प्रशासन सुस्त रहता है। वहीं आरटीओ सहित विभागीय जांच नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं को न्योता देती यात्री बसों का संचालन बेरोकटोक जारी है। मजबूरी की मारी जनता बेचारी इन बसों में सफर करने के दौरान अपनी जान दाव पर लगाकर यात्रा करने को मजबूर है। प्रशासन के अधिकारी हमेशा दुर्घटना होने के बाद ही जागते हैं। समय रहते ना बसों की फिटनेस जांची जाती है, ना ही अपनी क्षमता से दुगनी सवारियां बैठाने वाले बस ऑपरेटरों पर कोई कार्रवाई होती है। सिराली में बसों के संचालन के दौरान ऐसे दृश्य आम होने के बाद भी स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना देखता है और कार्रवाई शून्य है। यात्री बसों में बस ऑपरेटर ना ड्रेस कोड का संचालन करते हैं ना ही बसों में किराया सूची अग्निशामक यंत्र फर्स्ट एड बॉक्स जैसे कोई सुरक्षा साधन नहीं दिखते। प्रशासन एसे बस ऑपरेटरों को परमिट देकर अपना पल्ला झाड़ लेता है। वहीं निर्धारित मापदंडों का पालन कहीं दिखाई नहीं देता। यही नहीं बस ऑपरेटर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं, यही किराया त्योहारों के अवसर पर दुगना हो जाता है। जिसे देना यात्रियों की मजबूरी है।

