अनोखा तीर, हरदा। विधानसभा चुनाव के समय मोदी द्वारा देश के किसानों को 2700 रू गेहूं खरीदी के वादे से मोहन सरकार मुकर गई। 2700 रू गेहूं खरीदी की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ द्वारा मध्यप्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन कर रैली निकाली गई एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। इसके बाद कृषि मंत्री द्वारा आश्वासन दिया गया था जो वादा किया वो निभाएंगे किंतु सरकार अपने वादे से मुकर गई और किसानों को 125 रू की लालीपाप देकर 70 प्रतिशत किसानों को निराश कर दिया गया। अगर घोषित मूल्य नहीं देना था तो झूठी घोषणा क्यों की। एक तरफ प्राकृतिक आपदा असमय बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलें बर्बाद कर दी। किसानों का उत्पादन आधा हो गया और दूसरी तरफ सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक सहायता की बजाय उनके हक के राशि में से भी कटौती कर दी गई। सरकार किसान हितैषी होने का डिंडोरा पीटती है। इस विषम परिस्थिति में सरकार को किसानों का सहयोग करना था। किंतु ऐसा नहीं हुआ। सरकार की वादाखिलाफी से किसान संघ नाराज है।

