आप जो यह तस्वीर देख रहे हें, वह मुख्यालय स्थित शासकीय जिला अस्पताल प्रांगढ़ का दृश्य है। जहां ड्रेनेज का चेंबर चोक होकर पानी से लबालब भरा है, जो निस्तार को बाधित करने के समान है। वहीं निस्तार बाधित होने के कारण अव्यवस्था फैलने की नौबत बन जाती है। ऐसा ही कुछ हाल इन दिनों अस्पताल प्रांगढ़ में देखने को मिल जाएगा। जहां पोस्टमार्टम कक्ष और ऑक्सीजन प्लांट के बीच ये खुला हुआ चेंबर लापरवाही को उजागर करता है। जिसके चलते प्रांगढ़ में जहां गंदगी एवं बदूब का वातावरण लाजमी है, वहीं खुले चेंबर की वजह से हादसे का डर रहता है। क्योंकि, रात-अंधेरे अनजान व्यक्ति का इस समस्या से दो-चार करने की आशंका बरकरार हैं। यही कारण है कि लोगों को रात्रि में एहतियात बरतना पड़ता है। इस बारे में नागरिकों का कहना है कि जिले का मुख्य स्वास्थ्य केन्द्र गंदगी और अव्यवस्थाओं से घिरा है। जबकि जनस्वास्थ्य की दृष्टि से यहां व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखा जाना चाहिये। लेकिन यह सब विशेष अवसर या यूं कहें कि अफसरों के निरीक्षण दौरान देखने को मिलता है। इसके बाद वही अव्यवस्थाओं का आलम रहता है। जिससे हर रोज सामना करने वाले लोग दो टूक बोल ही देते हैं, कि यह बात गलत है।
यह बात गलत है

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