अनोखा तीर, हरदा। इस साल मौसम की बेरूखी का असर फसलों के उत्पादन पर दिखाई पड़ रहा है। बेमौसम बूंदाबांदी और आसमां में बादलों का डेरा होने से फसलों की प्रोसेस पर विपरीत प्रभाव पड़ा। यही कारण है कि कटाई दौरान फसलों के कुल उत्पादन को जोरदार झटका लगने की बात सामने आई है। हालांकि विपरीत परिस्थिति में जो प्राप्त हुआ, किसान उसे पर्याप्त मानकर आगे की तैयारियों में जुट गया है। क्योंकि, एन वक्त पर मौसम का मिजाज बदलने से जहां फसलों पर संकट के बादल छाये रहे। वहीं धूंध और घने बादलों की वजह से फसल की प्रक्रिया बेपटरी हो गई थी। ठीक उसी समय किसानों के माथे पर ङ्क्षचता की लकीर देखने को मिली। किसान उस दौर के दुष्परिणामों को भांप रहा था। इन सबके बीच संकट के बादल खत्म हुए। वहीं मार्च के प्रथम सप्ताह में कटाई कार्य ने जोर पकड़ लिया है। क्षेत्र में गेहूॅ और चना की कटाई चल रही है। किसानों की मानें तो रबी सीजन वर्ष २०२३-२४ में गेहूॅ १० से १८ क्विंटल के बीच निकल रहा है। जबकि चना 6 से १० क्विंटल के बीच निकल रहा है। वहीं जिन इलाकों में मौसम की मार कम रही, वहां इससे भी बेहतर उत्पादन मिल रहा है।

