यह बात गलत है।

 

अनोखा तीर, हरदा। आप जो यह तस्वीर देख रहे हैं, वह शहर का नया बस स्टैंड का प्रवेश द्वार है। जिसके ठीक सामने से जहां एक तरफ रेलवे स्टेशन होते हुए बसें होशंगाबाद और बैतूल रूट से आना-जाना करती हैं। जबकि बस स्टैंड के दूसरे प्रवेशद्वार से बसे इन्दौर और खंडवा व सिहोर-भोपाल रूट की बसें आना-जाना करती हैं। इन सबके बीच मार्ग पर रेलवे स्टेशन, कृषि उपज मंडी व शिक्षण संस्थान पड़ते हैं। वहीं उस ओर अस्पताल, सब्जी मंडी व थाना-कोर्ट कचहरी है। जिसके चलते मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। साथ ही बच्चों की छुट्टी के वक्त मार्ग पर खासा ट्राफिक रहता है। इसके बावजूद शहर के बीचो बीच तथा व्यस्ततम मार्गो में शुमार इस सड़क पर यातायात सुरक्षा के माकूल इंतजाम नगण्य हैं। इतना ही नही, मार्ग पर सुगम आवागमन को लेकर कोई कार्ययोजना धरातल पर नजर नही आ रही है। इस बारे में शहर के शिक्षित व जागरूक युवाओं का कहना है कि अन्य शहरों में सुरक्षित यातायात को लेकर काम हुआ है, वहीं जोर-शोर से विस्तार भी जारी है। लेकिन यहां वही पुराने ढर्रा देखने को मिल रहा है, जो कि दुर्घटना की आशंकाओं को बल देता है। यही कारण है कि बाहर से आने वाले लोग ये सब देखकर कह ही देते हैं, कि यह बात गलत है।

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