अनोखा तीर, बैतूल। शहर में कुकरमुत्ते की तरह फैली मार्केटिंग कंपनियों के फर्जीवाड़े से बेरोजगार युवक लगातार ठगे जा रहे हंै। इनके द्वारा की जा रही शिकायतों पर अधिकारियों द्वारा अमल नहीं किए जाने से ऐसे मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। ताजा मामला शहर के सदर स्थित ममता मेटरनिटी हॉस्पिटल के सामने इंटरनेशिया मार्केटिंग कंपनी द्वारा किए गए फर्जीवाड़े के रूप में सामने आए है। यहां कई लोगों को कंपनी ने झूठे विज्ञापन दिखाकर नौकरी लगाने के नाम ठगी कर ली। जब युवक ने विरोध किया तो यहां पदस्थ महिलाकर्मी से कोतवाली में झूठी शिकायत दर्ज कर मामला दर्ज करा दिया। पीड़ित युवक ने इंटरनेशिया मार्केटिंग कंपनी के संचालक के विरूद्ध मामला दर्ज करने के लिए कलेक्टर और एसडीएम से शिकायत की है। मुलताई ब्लॉक के हिवरखेड़ में रहने वाले युवक कैलाश वसूले ने बताया कि वे बैतूल में रहकर निजी काम करता है, उसने पिछले दिनों अखबार में इंटरनेशिया मार्केटिंग कंपनी द्वारा दिए गए विज्ञापन को देखने के बाद उनकी तीसरी मंजिल स्थित कार्यालय गया था। कलेक्टर और एसडीएम को की गई शिकायत में बताया कि कार्यालय में योगेश नाम के व्यक्ति ने उसे प्रलोभन देकर नौकरी देने की बात कही। इसके एवज में उन्होंने 30 हजार रुपए की मांग की। शिकायतकर्ता के मुताबिक वह बेरोजगार है, इसलिए कंपनी के कर्ताधर्ता के प्रलोभन में आ गया। इसके बाद उसने 20 हजार रुपए, फिर 9 हजार 500 एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर 500 रुपए फीस के नाम पर लिए गए। युवक ने पैसे ट्रांसफर के सबूत भी दिखाते हुए बताया कि इंटरनेशिया मार्केटिंग कंपनी के जिम्मेदारों ने उनसे तीन कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। अन्य कागजों पर हस्ताक्षर कराने पर उसे शक हुआ तो इंकार कर दिया। बस इसके बाद उसने राशि वापसी की मांग की। शिकायतकर्ता के मुताबिक यहां पदस्थ सिंधू मेडम और प्रमिला धुर्वे से फोन पे की गई राशि की वापसी की मांग की तो अन्य कर्मचारियों ने यहां आकर उसके साथ झूमाझटकी और मारपीट की और कोतवाली थाने में झूठा मामला दर्ज करा दिया गया। शिकायकर्ता कैलाश के मुताबिक रुपए मांगने पर आज तक वापस नहीं किए जाकर संचालक द्वारा धमकियां दी जा रही हैं। युवक ने कलेक्टर और एसडीएम से इंटरनेशिया मार्केटिंग कंपनी द्वारा किए गए फर्जीवाड़े की जांच करने और दी गई राशि वापस दिलाने की मांग की है। उसने आग्रह किया है कि इस कंपनी को संरक्षण देने वालों पर भी कार्रवाई की जाए। युवक के अलावा कई अन्य भी कंपनी के फर्जीवाड़े का शिकार हुए हैं।

