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Friday, 16 October 2026
इंदौर मध्य प्रदेश

इंदौर के ‘लंदन विलाज’ डकैती में आलीराजपुर के सोमला गिरोह की तलाश

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अनोखा तीर भोपाल:-लंदन विलाज टाउनशिप में डकैती में पुलिस ने एक गिरोह को चिह्नित किया है। सरगना आठ महीने पूर्व राइफल लूटने के मामले में जमानत पर छूटा है। उसने दोबारा गिरोह बनाकर वारदात की और फरार हो गया। चार जिलों की पुलिस डकैतों के ठिकानों पर छापे मार रही है।

इंडियन आइल कार्पोरेशन (आइओसी) के मैनेजर पुष्पेंद्रसिंह, आकांक्षा के बेडरूम से मिले सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को अहम सुराग मिला। डकैतों की चाल देख और भाषा सुनकर मुखबिर ने आरोपित सोमला (बड़ी कदवाल) की पहचान की। पुलिस ने शनिवार देर रात सोमला के घर छापा मारा लेकिन वह नहीं मिला। संदेहियों को हिरासत में लिया तो पता चला उसके गिरोह में आकेश उर्फ आकाश बघेल, कलम थोगू और राजूसिंह शामिल हैं। सोमला को पिछले वर्ष जुलाई में लूट के प्रकरण में महू कोर्ट से जमानत मिली थी। उसने जेल में ही कुछ अन्य बदमाशों का गिरोह बनाया और वारदात शुरू की।
30 हजार का इनाम घोषित
पुलिस को जानकारी मिली कि सोमला ने लंदन विलाज में डकैती के पूर्व अन्य जगहों पर भी वारदात की है। हालांकि पुलिस ने कुछ मामलों में सिर्फ चोरी का केस दर्ज कर मामला दबा दिया था। सोमला के साथी कमल की बड़गोंदा पुलिस को भी तलाश है। उसकी गिरफ्तारी पर ग्रामीण आइजी 20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर चुके हैं। डकैती में शनिवार को पुलिस आयुक्त की तरफ से 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा हो चुकी है।
सोमला बघेल निवासी बड़ी कदवाल (आलीराजपुर) खतरनाक अपराधी है। उसके विरुद्ध कई अपराध दर्ज हैं। सोमला ने आकाश, कलम, राजू और मुकेश के साथ जनवरी 2022 में गांगलियाखेड़ी (बड़गोंदा) में डाका डाला था। पुलिस ने घेराबंदी की तो सोमला व उसके गिरोह ने विशेष सशस्त्र बल के प्रधान आरक्षक अर्जुन बहादुर सिंह पर हमला कर राइफल छीन ली। सोमला व आकाश की जमानत हो गई। कलम फरार है। मुकेश की घटना के एक माह बाद मौत हो गई। राजू आलीराजपुर जेल में बंद है। आरोपित गुजरात में आडी कार भी लूट चुके हैं।
पुलिस को गुमराह करने के लिए झाबुआ में छोड़ी कार
डकैतों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। वारदात के बाद लवकुश चौराहा-सुपर कारिडोर से सरदारपुर पहुंचे। चोकला टोल नाके पर फास्टैग का उपयोग किया, लेकिन नंबर प्लेट निकाल ली। टोल नाका पार करने के बाद फास्टैग भी निकाल लिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज निकाले तो आरोपित पगड़ी और दस्ताने पहने नजर आए। इससे स्पष्ट हो गया कि आरोपितों ने कालीदेवी (झाबुआ) में पुलिस को गुमराह करने के लिए कार छोड़ी थी।
40 से ज्यादा पुलिस जवानों ने दी दबिश
डकैतों की तलाश में धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बाणगंगा और अपराध शाखा के 40 से ज्यादा पुलिस जवान और अधिकारी शामिल हैं। आयुक्त राकेश गुप्ता खुद पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। एडिशनल डीसीपी रामस्नेही मिश्रा कार्रवाई में शामिल हैं। आरोपित पहाड़ी क्षेत्र में रहते हैं। पुलिस पहुंचने के पहले ही घरों से फरार हो जाते हैं।
प्रमुख बिंदु
– डकैतों पर इनाम की राशि बढ़ा कर 30 हजार की
– 75 किमी के जंगल क्षेत्र में छानबीन कर रही पुलिस
– इंदौर पुलिस, क्राइम ब्रांच, आलीराजपुर, झाबुआ, धार पुलिस भी आपरेशन में शामिल
-पांच थानों का बल तलाशी में शामिल
-100 से ज्यादा पुलिसकर्मी जंगलों में रवाना
-गुजरात सीमा में पहुंच गए डकैत
-साइबर एक्सपर्ट की मदद से ढूंढने की कोशिश
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