अनोखा तीर इंदौर:-का तीस वर्षीय एक युवक मैहर में पहाड़ों पर विराजी मां शारदा के दर्शनों के लिए आठ सौ किमी की पदयात्रा कर रहा है। ढोल बजाते हुए जब यह युवक मां शारदा के गुणगान करते निकलता है तो लोग देखते रह जाते हैं। कई जगह इसका ठहराव होता हैं। सागर से गुजरते वक्त जब नवदुनिया प्रतिनिधि ने युवक से बात की तो उसने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि उसका जीवन मां शारदा की वजह से ही बचा। उसे श्वास नली में तकलीफ थी। डाक्टरों ने भी जब जवाब दे दिया, तब मां शारदा की शरण ली। मातारानी की ऐसी कृपा हुई कि उसकी बीमारी ठीक हो गई। उसके बाद से ही वह हर साल इंदौर से मैहर तक 800 किमी की पदयात्रा कर मातारानी की चौखट पर मत्था टेकने जा रहा है। बीते आठ साल यह सिलसिला कायम है।
मैहर माता के आशीर्वाद से ठीक हुई बीमारी, अब दर्शन के लिए हर साल ढोलक बजाते हुए करते हैं 800 किमी की यात्रा







