विकास पवार बड़वाह – सनावद का साईं हॉस्पिटल लापरवाही के मामले में अक्सर सुर्खियों में रहता है। अब एक महिला की मौत के बाद फिर चर्चाओं में आ गया। हालाकी इस हॉस्पिटल की एक शाखा बड़वाह शहर के महेश्वर रोड पर भी साई हॉस्पिटल के नाम से संचालित हो रही है। जहा पूर्व में कई मामले सुर्खियों में रहे है। जिसके बाद फिर सनावद स्थित साई हॉस्पिटल में आपरेशन करवाने आई महिला के इलाज में परिजनो ने लापरवाही करने का आरोप लगाए है। उल्लेखनीय है की रूपखेड़ा निवासी प्रमिला पति इंदरसिंह के परिवार सदस्यो ने महिला को बड़े ऑपरेशन के लिए सनावद नगर के सांई हॉस्पिटल में सोमवार को एडमिट किया था। जहां महिला का आपरेशन सोमवार शाम करीब 5 बजे हुआ। लेकिन आपरेशन के बाद मंगलवार सुबह महिला की अचानक तबियत बिगड़ने से उसे अस्पताल के जिम्मेदारों ने बेहतर इलाज के लिए बड़वाह के साई हॉपिटल में रैफर कर दिया। जहां कुछ देर उपचार के बाद उसकी मौत हो गई।

एंबुलेंस से घर आया शव, तो लगी जानकारी-
मृतिका के भाई निलेश ने बताया कि मेरी बहन का देहांत होने के बाद एंबुलेंस चालक शव को हमारे घर छोड़कर आ गया। जब परिवार के अन्य लोगों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी लगी। तो मंगलवार सुबह करीब 12 बजे परिजन महिला के शव को लेकर साई हॉस्पिटल सनावद में एकत्र हुए। जहा परिवार सदस्यो ने हंगामा कर डॉक्टर पर लापरवाही पूर्वक इलाज करने का आरोप लगाया। और चिकित्सक पर ठोस कार्यवाही की मांग कर जमकर हंगामा किया। परिवार सदस्यो का कहना है की चिकत्सक द्वारा महिला के उपचार में लापरवाही करने के कारण उसकी मौत हुई है। परिवारजनों ने चिकित्सक पर आरोप लगाकर कड़ी कार्रवाई के साथ अस्पताल को सील करने की मांग की है। हालाकी इस घटना के बाद परिवार सदस्यो ने कार्यवाही की मांग पर करीब 3 घंटे तक हंगामा किया। और शव को अस्पताल के बाहर रखकर प्रदर्शन भी किया। इस घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके स्थल पर आकर परिवार सदस्यो को समझाया। लेकिन काफी जद्दोजहद के बाद परिवार वाले माने और मृतका के शव को पीएम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया।

हंगामे के बाद अस्पताल को तत्काल किया सील-
अस्पताल में हंगामें की सूचना पर तहसीलदार अंतर सिंह कनेश, टीआई राजेंद्र बर्मन, बेडिया टीआई निर्मल श्रीवास, नायब तहसीलदार दिलीप गंगराड़े मौके पर पहुंचे। लेकिन परिवार सदस्य कार्यवाही को लेकर हंगामा करते रहे। हंगामा अधिक होने की सूचना मिलने पर बड़वाह एसडीओपी अर्चना रावत भी मौके पर आई और परिवार वालों से चर्चा की। जहां परिवार वाले अस्पताल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। प्रशासन ने भी त्वरित अस्पताल को सील किया और परिवार को पीएम रिपोर्ट में आधार पर आगे कार्यवाही करने का आश्वसन दिया। जिसके बाद परिवार सदस्यो ने मृतिका का पीएम करवाने पर सहमति दी। हालाकी इस मामले में पीएम रिपोर्ट और स्वास्थ विभाग द्वारा जांच के बाद ही इस घटना का खुलासा होगा।
अस्पताल प्रबंधक बोले उपचार के दौरान हुई महिला की मौत-
इस महिला की मौत को लेकर जब प्रतिनिधि ने साई हॉस्पिटल के प्रबंधक अजय मालवीय से जानकारी चाही तो उन्होंने बताया की महिला प्रमिला का ऑपरेशन हो चुका था। जिसके बाद वह पूरी तरह स्वस्थ थी। लेकिन मंगलवार सुबह अचानक उसकी तबियत बिगड़ने लगी। जिसको देखते हुए महिला को बड़वाह साई हॉस्पिटल में रेफर किया गया। जहा करीब एक घंटे एम डी डॉक्टर हिमांशु ने उक्त महिला का इलाज किया। जिसके बाद महिला की मौत हो गई। हालाकी प्रबंधक ने सनावद से बड़वाह रैफर करने की बात पर कहा की हमारे पास बड़वाह हॉस्पिटल में एम डी डॉक्टर और अन्य आवश्यक सुविधा होने से हमने उसे बड़वाह रैफर किया। गौरतलब है कि इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है की यदि महिला को तत्काल बेहतर उपचार की आवश्यकता थी तो प्रबंधक ने महिला को बड़वाह रैफर करने की बजाय डॉक्टर हिमाशू को सनावद बुलाना था। जबकि उन्होंने ऐसा न करते हुए महिला को सनावद से करीब 13 किमी दूर बड़वाह रैफर क्यों किया ? यह विचारणीय है। खैर इस मामले में कब और कैसे महिला के परिवार को न्याय मिलेगा.? इसका खुलासा मृतिका महिला की पीएम रिपोर्ट आने और स्वास्थ विभाग की जांच होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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